गोरखपुर जिले में लगभग 19 हजार व्यावसायिक वाहन बिना उपयुक्तता प्रमाण पत्र (फिटनेस सर्टिफिकेट) के सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। यह सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण बनकर उभरे हैं। आरटीओ ने व्यावसायिक और प्राइवेट वाहनों के मालिकों को नोटिस देकर 30 सितंबर तक वाहनों के सड़क पर चलने के लिए उपयुक्तता की जांच करा लेने की समय सीमा तय कर दी है।
इस दशा में यदि वाहन से कोई दुर्घटना होती है तो खुद वाहन मालिक इसके जिम्मेदार होंगे। कोरोना काल में बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस खत्म हो चुके हैं। अनलॉक होने के बाद भी ऐसे लोगों ने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब भी सड़कों पर खटारा वाहन दौड़ाए जा रहे हैं, जो लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं।