मीटर रीडरों को बिजली बिल जमा करने की मिली सुविधा का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है। उपभोक्ता समय पर बिल जमा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें निगम की ओर से दी जाने वाली छूट नहीं मिल रही है। अभियंताओं का कहना है कि ऐसा मीटर रीडरों की लापरवाही के कारण हो रहा है।
बिजली निगम ने उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए मीटर रीडरों को बिल बनाने के साथ भुगतान लेने की सुविधा दी है। इसके लिए मीटर रीडरों के मोबाइल फोन में व्यवस्था बनाई गई है। मीटर रीडिंग एजेंसी ने रीडिंग करने वालों के मोबाइल वालेट में रुपये जमा किए हैं। जैसे ही रीडर उपभोक्ता का बिल जमा करता है, वालेट से रुपये कटकर निगम के खाते में जमा हो जाते हैं।
रीडिंग एजेंसी को इसके एवज में कमीशन मिलता है। बिल जमा करने के बाद मीटर रीडर उपभोक्ता को रसीद देता है। इससे एक तरफ उपभोक्ताओं को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते, दूसरी तरफ निगम को समय से बिल की राशि मिल जाती है।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि एजेंसी के मीटर रीडरों के पास वालेट से बिल को जमा करने की सुविधा दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। मीटर रीडरों की लापरवाही सामने आ रही है। पत्र लिखकर एजेंसी को निर्देशित किया जाएगा।
पांच से 15 रुपये मिलती है छूट
मीटर रीडर बिल बनाते हैं तो निगम की ओर से एक निश्चित समयसीमा तक बिल जमा करने पर पांच से 15 रुपये तक की छूट दी जाती है। समय सीमा पूरी होने के बाद छूट नहीं मिलती है। हर महीने बिल जमा करने वाले उपभोक्ता समयसीमा पर बिल जमा कर छूट पाते हैं। लेकिन मीटर रीडरों के पास बिल जमा करने पर छूट नहीं मिल पा रही है। अभियंताओं ने बताया कि जिस तारीख को उपभोक्ता का बिजली बिल बनता है, अगले माह उसी तारीख से एक सप्ताह आगे की तारीख समयसीमा की होती है। इस अवधि के भीतर उपभोक्ता दोबारा बिल जमा कर छूट का लाभ ले सकता है।