अभी गोरखपुर से नहीं होती है माल की लोडिंग
गोरखपुर से माल लोडिंग नहीं होती है। यहां सिर्फ माल की अनलोडिंग की जाती है। यूरिया यहां से पहला ऐसा उत्पाद होगा, जो सीधे प्लांट से लोड होकर विभिन्न स्थानों के लिए जाएगा।
रोजाना लगभग एक करोड़ की होगी कमाई
मालगाड़ी से रोजाना यूरिया लोड कर बाहर भेजने से रेलवे रोजाना लगभग एक करोड़ की कमाई करेगा। आय बढ़ने से यहां सुविधाओं में बढ़ोतरी भी होगी।
48 कोच की एक रेक होगी बीसीएन
मालगाड़ी की एक रेक 48 कोच की होगी। एचयूआरएल से यूरिया लोड कर जो रेक रवाना होगी उसमें 48 वैगन यानी कोच होंगे। पूरी रेक बीसीएन श्रेणी यानी पूरी तरह से पैक होगी। इसमें यूरिया के लोड होने से बारिश, ठंड या गर्मी का कोई असर नहीं पड़ेगा। खास बात यह है कि इसका लॉकिंग सिस्टम भी काफी एडवांस बनाया गया है। इसमें से चोरी की भी आशंका न के बराबर होती है।