पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने परित्यक्त खाली भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ध्वस्तीकरण के लिए जर्जर भवनों को नीलाम किया जाएगा। प्रथम चरण में इज्जतनगर मंडल में 190 तथा लखनऊ मंडल में 93 भवनों की नीलामी हो गई है। इससे रेलवे प्रशासन को करीब 40 लाख की कमाई हुई है।
पूर्वोत्तर रेलवे में स्क्रैप फ्री परिसर अभियान के अंतर्गत पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर सहित लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के 2106 भवनों को चिह्नित किया गया है। रेलवे प्रशासन ऐसे भवनों, बंगलों, क्वार्टरों का उपयोग करना छोड़ देता है जिनकी उम्र पूरी हो जाती है।
वहीं पानी की टंकियों का उपयोग करना छोड़ देता है, लेकिन समय से उसका निस्तारण नहीं हो पाता है। निष्प्रयोज्य उपकरण भी जहां-तहां पड़े रहते हैं। ऐसे उपकरणों व परित्यक्त भवनों से रेलवे परिसर में गंदगी तो फैलती ही है, चोरी और दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। महाप्रबंधक ने स्क्रैप निस्तारण में तेजी का निर्देश दिया है, जिसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एनईआर में 140 करोड़ स्क्रैप बिक्री, पहला स्थान
स्क्रैप निस्तारण और कमाई में पूर्वोत्तर रेलवे भारतीय रेलवे स्तर पर एक बार फिर अव्वल आया है। एक अप्रैल से 21 जनवरी तक 140 करोड़ रुपये का स्क्रैप बिक्री पर सभी जोन में पहला स्थान हासिल किया है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 59 फीसदी ज्यादा स्क्रैप का निस्तारण किया गया है। प्राथमिकता के आधार पर इस काम चल रहा है।