गौरव ने बताया कि सुबह और शाम तीन-तीन घंटे की प्रैक्टिस करते हैं। इनमें फिजिकल के साथ-साथ गेम होती है। एक बार में एक हजार दंड बैठक करते हैं। सुबह नाश्ते में दूध, बादाम, काजू के साथ अंडा लेते हैं। दोपहर और रात में दो से तीन रोटी के साथ ही भोजन करते हैं। उनका पूरा फोकस प्रोटीन युक्त आहार लेने पर होता है।
हर पदक मेरी मां और कोच को समर्पित
गौरव ने बताया कि संघर्ष के दिनों को कभी भूल नहीं सकता। जब किसी प्रतियोगिता में मैं पदक हासिल करता हूं तो मां का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। जब उस पदक को मां के गले में डालता हूं तो हर प्रतियोगिता को जीतने की प्रेरणा मिलती है।
ये हैं उपलब्धियां
- जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- सीनियर एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक
- अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक
- वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट में रजत पदक