शास्त्री चौक पर यातायात पुलिसकर्मियों के सामने चौराहे पर खड़े है भारी संख्या में ऑटो।
- फोटो : अमर उजाला।
अतिक्रमण की वजह ये ठेले व फड़ वाले हैं और वसूली के इस खेल में पिसती जनता है। गोलघर में नारियल पानी का ठेला लगाने वाले ने बताया कि वह जिस दुकान के सामने ठेला लगा रहा है, दुकानदार को रोजाना 100 रुपये व एक नारियल देता है। पुलिस के लोग अलग से 50 से सौ रूपये वसूलते हैं। वहीं, फल की दुकान वाले ने बताया कि अपाची दस्ता वाले बाइक से आते हैं, जैसी दुकान है, उस तरह का सुविधा शुल्क लेते हैं। मेरी दुकान तो नाले से पीछे है लेकिन, मेरे यहां आकर भी मुफ्त में फल ले लेते हैं।
शाम को सादा कपड़ों में वसूली करने आता है सिपाही
गोलघर के एक दुकानदार का कहना है कि उनकी दुकान के सामने ठेले लगाकर एक युवक बैग बेचता है। कई बार ठेला हटाने की मांग कर चुका हूं, लेकिन पुलिस वाले सुनते ही नहीं है। शाम को रोजाना सादा कपड़ों में एक सिपाही आकर वसूली करता है।
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कलक्ट्रेट से बलदेवा प्लाजा तक ठेले-फड़ की संख्या
बैग वाले ठेले व फड़ : 11
नारियल पानी के ठेले : 09
चाट-मोमो, पानी-बताशा : 08
कवर के फड़ : 12
आइसक्रीम, फालूदा : 06
डोसा : 02
गोलघर में रोड पर लगी दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां।
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गोलघर व्यापार मंडल अध्यक्ष अभिषेक शाही ने कहा कि व्यापार बंधु की बैठक 21 मार्च 2023 को हुई थी, जिसमें मैंने अधिकारियों के सामने सुविधा शुल्क लेकर ठेले-फड़ लगवाने का मुद्दा उठाया था। यह भी कहा था कि पुलिस की वसूली रोजाना होती है। इसे बंद करा दें और अभियान चलाएं तो सड़क से अतिक्रमण साफ हो जाएगा। लेकिन, किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।
सब पुलिस की शह पर हो रहा
गणेश लेदर से कार्तिक तिवारी ने कहा कि सड़क पर नारियल पानी और मोमो की दुकानें लग जाती हैं। इससे सड़क पर जाम लग जाता है। इन दुकानों को सख्ती के साथ हटाया जाए। जब दुकानदारी का समय रहता है तो ठेले लग जाते हैं। इन सब पर पुलिस का शह है। यह अतिक्रमण हटना चाहिए।
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अधिकारियों से कहा, कोई सुनवाई नहीं हुई
लवली गिफ्ट से मनीष विश्वकर्मा ने कहा कि बर्फ बेचने वाले मेरे दुकान के सामने ठेला लगाना शुरू किए। ट्रैफिक पुलिस व नगर निगम के अधिकारियों से कहा तो कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर मैंने खुद ही सख्ती के साथ हटवा दिया। अगर ठेले व फड़ वालों को कहीं और जगह देकर शिफ्ट कर दिया जाए तो सड़क बहुत चौड़ी हो जाएगी।
सख्ती से अभियान कभी नहीं चलता
विजय इलेक्ट्रानिक्स से राजेश चंद कौशिक ने कहा कि व्यापारी वर्ग ठेले-फड़ वालों ने लगने से बहुत ही परेशान हैं। इनकी वजह से लोग दुकान के सामने बाइक खड़ा कर देते हैं। इन्हें हटाने के लिए सख्ती से अभियान कभी नहीं चलता है। बिना पुलिस की शह के से दुकानें लग ही नहीं सकती है।