उरुवा बाजार (गोरखपुर)। बेलघाट पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में जांच तेज कर दी है। मामले का मास्टरमाइंड शशिरंजन यादव निवासी गोह, औरंगाबाद (बिहार) अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों ने विभिन्न बैंकों में कई लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर नेट बैंकिंग के माध्यम से ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। मामले में पुलिस को चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड समेत अन्य अहम साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर खाताधारकों की पहचान की जा रही है।
बेलघाट पुलिस ने साइबर ठगी में लिप्त तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेलघाट के भभया निवासी अभिषेक शुक्ला, बिहार के औरंगाबाद गोह निवासी सतीश कुमार गुप्ता और नीरज कुमार खत्री के रूप में हुई। आरोपियों के पास से बिहार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक बरामद हुई है, जिनका इस्तेमाल नेट बैंकिंग के माध्यम से धोखाधड़ी करने में किया गया।
इन खाताधारकों के नाम आए सामने
पुलिस की प्राथमिकी जांच के दौरान जिन खाताधारकों के नाम सामने आए हैं, उनमें अविनाश शुक्ल (स्टेट बैंक बेलघाट), अंशुमान त्रिपाठी (सेंट्रल बैंक उरुवा), अभिषेक और सुनीता शुक्ला (आंध्रा बैंक सिविल लाइंस), माला (यूनियन बैंक सिविल लाइंस), ज्योति मिश्रा (बड़ौदा यूपी बैंक बेलघाट), उर्मिला (उत्कर्ष बैंक उरुवा व एसबीआई बेलघाट), पूजा शुक्ला, अविनाश शुक्ल, अनिल यादव, सत्यम विश्वकर्मा (इंडियन ओवरसीज बैंक सिकरीगंज) समेत कई अन्य हैं। पुलिस इन खाताधारकों की तलाश कर रही है और एक-एक कर उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है। बेलघाट पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इस संबंध में एसपी उत्तरी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी से जुड़े गैंग के अन्य गुर्गे के भी नाम सामने आएंगे।