जांच को भेजे फलहारी खाद्य सामग्री के नौ नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग ने की कार्रवाई, नवरात्र तक चलेगा अभियान
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को शहर के दर्जन भर से अधिक दुकानों में छापा मारा। इस दौरान टीम ने फलहारी खाद्य सामग्री के नौ नमूने लिए जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
अभिहीत अधिकारी कुमार गुंजन ने बताया कि नवरात्र के मद्देनजर मिलावटी सामान के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखनाथ स्थित प्रतिष्ठान से एक पेठा, नौसड़ के प्रतिष्ठान से किसमिस, महेवा मंडी स्थित प्रतिष्ठान से आम पापड़ बर्फी, खजूर, सिंघाड़ा आटा एवं फाफड़ आटा का एक-एक नमूना लिया गया। फुटहवा ईनार से किसमिस, कुसम्ही बाजार से रोस्टेड चोलाई, भाड़ापार से खोवा का नमूना लिया गया। कार्रवाई करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय, कृष्ण चंद, नरेश कुमार तिवारी, सुचित प्रसाद, अजय कुमार सिंह, इंद्रेश प्रसाद, राधेश्याम वर्मा, नरेंद्र कुमार, नत्थू कुशवाहा, प्रतिमा त्रिपाठी, सतीश कुमार सिंह शामिल रहे।
होटल-रेस्त्रां व फैक्ट्रियों में इस्तेमाल हुए जले तेल से बनेगा बायोडीजल
गोरखपुर। होटल- रेस्त्रां एवं फैक्ट्रियों व अन्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल के बाद जले हुए तेल से अब बायोडीजल बनाया जाएगा। बायोडीजल बनाने के लिए लखनऊ की फर्म को शासन ने मंजूरी दे दी है। बायोडीजल बनाने वाली फर्म के कर्मचारी डोर टू डोर जाकर प्रयोग किया जा चुका तेल खरीदेंगे। दशहरा बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से नमकीन बनाने वाली फैक्ट्रियों, होटल एवं रेस्त्रां संचालकों के साथ बैठक की जाएगी। पहले चरण में हर महीने 400 लीटर तेल एकत्रित होने का अनुमान है। बाद में यह मात्रा और बढ़ेगी।
शासन के अनुमान के मुताबिक जले हुए तेल का करीब 60 फीसदी खाद्य तेल दोबारा फूड चेन में वापस आ जाता है। इसमें ट्रांस फैट होता है जिसके इस्तेमाल से दिल की बीमारियों के साथ कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। किसी भी खाद्य तेल को अधिकतम तीन बार गर्म किया जा सकता है। इसके बाद इसका टोटल पोलर कंटेंट 25 से ऊपर चला जाता है। सामान्य तेल में टीपीसी पांच तक होता है।
- कुमार गुंजन, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग