फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर को सलाम: अविकसित आंत का ऑपरेशन कर बचाई नवजात की जान, मौत से लड़कर आई वापस

Sat, 23 Apr 2022 11:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रेनू कुशवाहा ने कहा कि ऑपरेशन काफी कठिन था। ऐसे ऑपरेशन बीआरडी में कई बच्चों के हो चुके हैं। लेकिन इस नवजात के साथ दिक्कतें ज्यादा थीं। बच्ची ने मौत को हरा दिया है।
विज्ञापन
डॉ रेनू कुशवाहा और ऑपरेशन के बाद स्वस्थ बच्ची। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने जेजुनल अट्रेजिया (अविकसित आंत) से पीड़ित एक नवजात की सही समय पर ऑपरेशन कर जिंदगी बचा ली। उसकी अविकसित आंत दो टुकड़ों में फट गई थी। इसकी वजह से पेट में मल फैल गया था। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रेनू कुशवाहा ने डॉक्टरों की मदद से ऑपरेशन कर जान बचाई। अब नवजात मां का दूध पी रहा है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर के सेवरही निवासी संदीप शर्मा की पत्नी शिमला शर्मा ने तीन अप्रैल को कुशीनगर में बच्ची को जन्म दिया। जन्म होते ही नवजात का पेट फूलने लगा और वह उल्टी करने लगी। स्थानीय स्तर पर इलाज शुरू हुआ लेकिन, सफलता नहीं मिली। नवजात को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार के निर्देश पर नवजात को नियो नेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में चार अप्रैल को भर्ती कराया गया। 11 अप्रैल को तीन घंटे तक ऑपरेशन कर जान उसकी बचाई गई। 19 अप्रैल से मां का दूध पीना शुरू कर दी। ऑपरेशन करने वाली टीम में एनेस्थीसिया के डॉ. नरेंद्र देव और एनआईसीयू के डॉ. कुलदीप सिंह रहे।
विज्ञापन


पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रेनू कुशवाहा ने कहा कि ऑपरेशन काफी कठिन था। ऐसे ऑपरेशन बीआरडी में कई बच्चों के हो चुके हैं। लेकिन इस नवजात के साथ दिक्कतें ज्यादा थीं। बच्ची ने मौत को हरा दिया है। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। मां का दूध पी रही है। दो से तीन दिनों के अंदर उसे घर भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें