एम्स गोरखपुर में हुआ सफल ऑपरेशन
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में एक नवजात का सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। बच्चा विशाल ऑक्सिपिटल एन्सेफेलोसील (सिर के आकार से बड़ा) बीमारी से ग्रसित था। डॉक्टरों के अनुसार, यह एक दुर्लभ जन्मजात विकृति है, जो समय पर इलाज न होने पर घातक साबित हो सकती है।
एम्स अधिकारियों के मुताबिक, परिवार बच्चे की गंभीर स्थिति के चलते ओपीडी में आया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद जटिल सर्जरी की योजना बनाई गई। यह सर्जरी एसोसिएट प्रोफेसर, न्यूरोसर्जरी डॉ. निनाद आनंद सावंत ने की। ऑपरेशन के दौरान डॉ. सार्थक मेहता और डॉ. देवेंद्र कुमार ने सहयोग किया। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कनौजिया के मार्गदर्शन एवं समर्थन ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉक्टरों ने बताया कि इस प्रकार की स्थिति में जन्म के तुरंत बाद शल्य चिकित्सा अत्यंत आवश्यक है। समय पर उपचार न होने पर बच्चे में हाइड्रोसेफेलस विकसित हो सकता है, जिससे तंत्रिका तंत्र के विकास पर गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही बाहर निकले मस्तिष्क ऊतक से इंट्राक्रेनियल संरचनाओं पर खिंचाव बना रहता है, जिससे मस्तिष्क के सामान्य विकास में बाधा आ सकती है। ऑपरेशन के बाद नवजात को विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम की निगरानी में रखा गया। डीन प्रो. महिमा मित्तल, सहायक प्रोफेसर डॉ. ममता गुप्ता और रेजिडेंट्स ने पीआईसीयू में पोस्टऑपरेटिव क्रिटिकल केयर सुनिश्चित की। पीआईसीयू और न्यूरोसर्जरी वार्ड की नर्सिंग टीम के योगदान की भी विशेष सराहना की गई।