बच्चों को नहीं हुई पोस्ट कोविड की समस्या
तीसरी लहर में अब तक करीब आठ सौ बच्चे कोरोना संक्रमण के शिकार हुए हैं। राहत की बात यह है कि इन बच्चों में कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण मिले। यही वजह है कि उनमें पोस्ट कोविड की समस्या नहीं देखने को मिली। जबकि, पहली और दूसरी लहर में महज एक से दो प्रतिशत बच्चे पोस्ट कोविड के शिकार हुए थे।
बच्चों में नहीं मिला कोरोना निमोनिया का केस
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले ज्यादा होती है। उनमें ऐसे हार्मोन नहीं पाए जाते हैं, जो संक्रमण को गंभीर बनाएं। यही वजह है कि उनमें संक्रमण गंभीर नहीं हुआ।
बताया कि एमएमआर वैक्सीन लगने से बच्चों में वायरस ने गंभीर रूप धारण नहीं किया। अमेरिका में हुए कई शोध में इसका खुलासा भी हो चुका है। तीसरी लहर में बच्चे भले ही पॉजिटिव हो रहे हैं, लेकिन उनमें कोरोना निमोनिया की समस्या नहीं है।