दो साल पहले जीडीए द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक शहर में 153 अनधिकृत कालोनियां हैं। जीडीए से जुड़े लोगों के अनुसार इन कालोनियों को नियमित करने की तैयारी है। इन कालोनियों के लोग लंबे समय से जीडीए एवं नगर निगम का चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कालोनियां नियमित नहीं हो पा रही थीं। नियमित कालोनी नहीं होने से विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। इन कालोनियां के नियमित होने से जीडीए की आय भी बढ़ेगी।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि शासन में जीडीए की नई महायोजना-2031 के ड्राफ्ट का प्रेजेंटेशन हो चुका है। शासन से जल्द ही जीडीए बोर्ड को ड्राफ्ट भेजे जाने की उम्मीद है। ड्राफ्ट आने के बाद उसका प्रकाशन कराया जाएगा। प्रकाशन के बाद एक महीने में आपत्तियां एवं सुझाव मांगे जाएंगे। फिर उसका निस्तारण किया जाएगा। आपत्तियों के तर्कसंगत पाए जाने पर महायोजना में बदलाव भी किया जाएगा।