गोरखपुर जिले में अभी तक महज पांच हजार पुराने वाहनों पर ही नई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लग पाई हैं, जबकि एक अप्रैल 2019 से पूर्व के पंजीकृत वाहनों की संख्या करीब दस लाख है। ये आंकड़े बताते हैं कि विभाग के लगातार प्रयासों के बाद भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। नए वाहनों में तो खरीद के साथ डीलर ही एचएसआरपी लगा दे रहे, लेकिन पुराने वाहनों में यह नई व्यवस्था शासन और परिवहन विभाग के लिए चुनौती बन गई है।
एक अप्रैल 2019 से नए वाहनों पर एचएसआरपी अनिवार्य है, लेकिन पुराने वाहनों पर अनिवार्य करने में 22 माह से अधिक लग गए हैं। शासन ने एक दिसंबर 2019 से ही पुराने वाहनों पर भी एचआरएस अनिवार्य कर दिया, लेकिन लोगों की उदासीनता को देखते हुए बैकफुट पर आ गया। हालांकि, शासन ने अनिवार्यता में राहत देते हुए वाहनों के पंजीकरण नंबर के अनुसार एचएसआरपी लगवाने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित कर दिया है।
अब समय सारणी के अनुसार एचएसआरपी न लगवाने वाले वाहनों का चालान कर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगेगा। बगैर एचएसआरपी के वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं बनेगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल ने बताया कि परिवहन विभाग ने ऑनलाइन आवेदन के लिए सियाम वेबसाइट व एप को अधिकृत कर दिया है। अब सिर्फ सियाम पर मिले आवेदन पर ही एचएसआरपी लगाई जाएगी।