गोरखपुर जिले में नवजात के शव मिलने की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। इसकी एक वजह पुलिस की लापरवाही भी है। पुलिस इन मामलों में शुरू से ही लापरवाही बरतना शुरू कर देती है। पहले तो तहरीर नहीं मिलने का हवाला देकर पुलिस केस दर्ज नहीं करती। अगर अफसरों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज भी किया तो आगे की कार्रवाई भूल जाती है।
जानकारी के मुताबिक, फरवरी 2020 में पीपीगंज इलाके के एक गांव में झाड़ी में नवजात का शव मिला था। पुलिस ने कुछ लोगों पर केस दर्ज किया था। जांच में पता चला था कि नवजात की हत्या की गई थी। मामले में कुछ लोग गिरफ्तार हुए थे। शहर के कैंट इलाके के मोहद्दीपुर में भी नाले में नवजात का शव मिला था। पुलिस ने अज्ञात माता-पिता पर केस दर्ज किया था।
बड़हलगंज इलाके में भी छह माह पहले एक नवजात का शव मिला था। रेलवे स्टेशन पर नवजात के शव मिलने के मामले में भी केस दर्ज हो चुका है। पुलिस ने इन मामलों में काफी हीलाहवाली के बाद केस तो दर्ज किया, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।