रजिस्ट्री दफ्तर में फर्जी नाम पर बने आधार कार्ड से करोड़ों की जमीन रजिस्ट्री करने आए नेपाली युवक को शुक्रवार को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह आयुष विश्वविद्यालय के पास की जमीन का फर्जी रजिस्ट्री करने पहुंचा था। आरोपी के पास से बीस साल पहले मर चुके अकबाल अहमद के नाम से बना फर्जी आधार कार्ड, बैंक में खुलवाए गए फर्जी खाते का पासबुक बरामद किया गया है। आरोपी अकबाल बनकर ही जमीन की रजिस्ट्री करने गया था। पूछताछ के बाद के कुछ साथियों का नाम भी सामने आए हैं, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।
आरोपी की पहचान नेपाल के भैरहवा निवासी रामबेलास अहिर के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि मऊ जिले के गोहना निवासी अकबाल अहमद नाम का एक शख्स रजिस्ट्री करने के लिए शुक्रवार को रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचा था। वहां के कर्मचारियों को संदेह हुआ तो वास्तविक अकबाल अहमद के जमीन की देखरेख करने वाले व्यक्ति को फोन कर रजिस्ट्री की बात बताई। देखरेख करने वाले व्यक्ति ने कैंट पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि उसका नाम रामबेलास अहिर है। 2019 में गांव के अब्दुल चुड़िहार ने बड़े काजीपुर निवासी राजेश गिरी, जाफरा बाजार निवासी डॉ. नसीम और खूनीपुर के मंजर से संपर्क कराया। ये लोग मऊ और गोरखपुर में रखे और फिर बैंक में मेरा खाता खुलवा दिए। उसमें एक हजार रुपये जमा किया गया। नाम अकबाल था, लेकिन फोटो आरोपी का था।
आरोपी ने बताया कि शुक्रवार को उसे गोरखपुर बुलाया गया था। फिर इन लोगों ने आधार कार्ड दिया और रजिस्ट्री दफ्तर लेकर गए। वहां पर रजिस्ट्री से पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया और साथी फरार हो गए। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी के दोस्तों की तलाश की जा रही है। आरोपी के पास से बैंक पासबुक, नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, 2260 नेपाली रुपये मिले हैं।