नेपाल के मानचित्र में बदलाव को लेकर संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक पर कानून बन जाने के बाद नेपाल के पहाड़ी समुदाय में जश्न तो मदेशी समुदाय चिंतित है। मधेशी समुदाय ने पिछले दिनों मानचित्र को लेकर संसद में संशोधन बिल पर सवाल खड़ा किया था।
उनका कहना है कि कोई भी बात या तथ्य प्रमाणिकता के आधार पर होनी चाहिए। लिपुलेख, कालापानी व लिपियाधुरा मुद्दे पर भारत के खिलाफ जाना ठीक नहीं है। आपस में मिल बैठकर वर्षो पुरानी दोस्ती को देखते हुए समस्या का हल निकाला जाना चाहिए था। नेपाल सरकार को इसपर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राष्ट्रीय जनता पार्टी रूपनदेही जिलाध्यझ अजय वर्मा ने बताया कि मानचित्र को संशोधन करने के बाद इतनी जल्द बाजी में उस पर कानून पारित करना यह चिंता का विषय है। सरकार को इसपर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। सरकार की नीति ठीक नहीं है। नेपाल का मदेशी समुदाय चिंतित है। आगे सरकार का रूख क्या होगा, यह देखना है।