नया गोरखपुर परियोजना में जमीन देने के लिए किसानों को मना लेने में भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अभी तक सफल नहीं हो पाया है। सर्किल रेट से मुआवजे की राशि लेने को किसान तैयार नहीं है। उनका कहना है कि हमें बाजार भाव के अनुसार मुआवजे की राशि दी जाए। वहीं, प्रशासन के सामने कोई नया विकल्प नहीं है।
हालांकि, जीडीए का दावा है कि नए गोरखपुर के लिए क्षेत्र के कई किसान जमीन देने को हामी भर रहे हैं। जो तैयार नहीं है, उनसे भी फिर वार्ता की जाएगी। बातचीत से ही मसला हल होगा।
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जीडीए के सचिव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि शुरू में किसानों ने विरोध किया था, मगर अब धीरे-धीरे कई किसान राजी हो गए हैं। अब सबसे अहम सवाल यही है कि अगर कुछ किसान राजी हैं तो उनकी जमीनें अब तक अधिग्रहित क्यों नहीं हो सकीं? बहरहाल, मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध अभी जारी है। उधर, जीडीए एक बार फिर किसानों से बातचीत करने की तैयारी में है।