गोरखपुर महोत्सव में रविवार को एक ऐसा मंच पर लोग जुटे जहां शहर को सजाने, संवारने का खाका खींचा गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से बुद्धिजीवियों व युवाओं का सीधा संवाद हुआ। सवाल-जवाब में सभी की जवाबदेही तय हुई और उनके कर्तव्यों का अहसास कराकर बेहतरी का सपना बुना गया। वर्तमान की चुनौतियां सामने आईं और आने वाले कल की तस्वीरें साझा हुईं।
अवसर था गोरखपुर महोत्सव के दूसरे दिन गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय युवा दिवस एवं मंथन-2020’ कार्यक्रम का। इस दौरान साल भर के होने वाले विकास का खाका तैयार किया गया। करीब तीन घंटे की परिचर्चा में ढेर सारे सवाल उठे। युवाओं को जब सवाल पूछने का अवसर मिला तो शिकायतों का पुलिंदा सामने आया और जवाब की संतुष्टि पर तालियां बजीं।
सबसे पहला सवाल नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल से मेडिकल कॉलेज की खराब सड़क को लेकर हुआ। पूछा गया कि सड़क कब ठीक होगी, आपकी भी गाड़ी फंस गई थी। विधायक ने कहा, 18 साल से विधायक हूं पहली बार मेरी गाड़ी फंसी है। जानबूझकर मैंने फंसाया है। जब घी सीधी अंगुली से न निकले तो टेढ़ी करनी ही पड़ती है। यह सुनते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। फिर क्या, जनता का मिजाज भांप विधायक ने अधिकारियों को घेरना शुरू किया। बोले, मेडिकल रोड नारकीय हो गया है। अधिकारियों की वजह से किरकिरी हुई है।
408 करोड़ का बजट है, योजना शुरू करने से पहले सिस्टम ही नहीं बनाया गया। जब मैंने लेवलिंग कराई तो पता चला कि जो नाला बन रहा है वह मोहल्ले की नाली से 80 सेमी ऊपर है। पानी तो सीढ़ी लगाकर जाएगा नहीं। इसके बाद प्रो राजवंत राव के सड़क व नाली के सवाल पर विधायक ने कहा, आप महादेवपुरम में रहते हैं मुझे पता है। वहां लोग पहले से सप्लाई वाला ही पानी पीते हैं, दोबारा पाइप लाइन डाली जा रही है। इसका जवाब मेयर साहब देंगे। भिक्षा की बढ़ती प्रवृत्ति पर रामकृष्ण त्रिपाठी ने सवाल उठाया।
इस पर डीएम ने बताया कि तीन श्रेणी में भीख मांगने वालों को चिह्नित किया गया है। 60 साल के ऊपर, मानसिक विक्षिप्त और नशेड़ी। डीएम ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र मेडिकल कॉलेज में बन रहा है। जहां मुफ्त इलाज होगा। कुष्ठ सेवाश्रम में 500 लोगों के इलाज की व्यवस्था की जाएगी। भिक्षा को उद्योग बनाने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा निदेशक अश्विनी मिश्रा, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक योगेंद्र नाथ सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य जनार्दन मणि त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र त्रिपाठी, अखिलेश चंद ने भी अपने विचार रखे। संचालन डॉ. मुमताज खान और आभार ज्ञापन डॉ केशव सिंह ने किया।
मंथन से प्रेरणा लेने की जरूरत : मेयर
मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि मंथन कार्यक्रम से प्रेरणा लेने की जरूरत है। विकास के लिए सभी को मिलजुल कर चलना होगा। जब तक हर व्यक्ति जिम्मेदारी नहीं उठाएगा तब तक बदलाव नहीं होगा। मेयर ने कहा कि सभी लोग साथ दें तो शहर को कूड़ा मुक्त कर देंगे।
जुलाई से एम्स में भर्ती होंगे मरीज
आयोजक डॉ. प्रदीप राव ने सवाल किया कि एम्स गोरखपुर का सपना था, कहां तक निर्माण पहुंचा है? इस पर एम्स के उपनिदेशक अश्विनी माहौर ने जवाब देते हुए बताया कि 50 छात्रों का एडमिशन हो चुका है। 10 विभाग में ओपीडी चल रही है। रोजाना 1200 मरीज देखे जा रहे हैं। जुलाई से मरीज भर्ती भी किए जाएंगे।
एक वार्ड में बनेगा मॉडल एमआरएफ : नगर आयुक्त
ई. सतीश सिंह ने पार्किंग स्थल की कमी व चौराहों पर कूड़ा एकत्र करने का मामला उठाया तो जवाब में नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने कहा- मैं इससे सहमत हूं। लेकिन जमीन नहीं मिल रही है। लोगों का कब्जा है। हर वार्ड में मेटेरियल रिकवरी फेसेल्टी (एमआरएफ) बनाना है। इस पर नागरिकों की तरफ से सुझाव आया कि विश्वास की कमी है। सिर्फ योजनाएं ही बनती है। पहले एक बनाएं तब विश्वास होगा। नगर आयुक्त इसे स्वीकारते हुए कहा कि पहले एक वार्ड में मॉडल के तौर पर एमआरएफ बनाएंगे। नगर आयुक्त ने कहा कि कई भवन और अस्पतालों में पार्किंग मानक के अनुसार नहीं है। अब जिसके पास पार्किंग होगा उन्हीं का नक्शा पास होगा। जो बन चुके हैं वहां कार्रवाई होगी।
मेडिकल रोड पर एंबुलेंस के लिए अलग राह : डीएम
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा मेडिकल कॉलेज रोड प्रदेश की पहली मॉडल सड़क होगी जहां एंबुलेंस के लिए अलग से रास्ता दिया जाएगा। ताकि एंबुलेंस जाम में न फंसे। उन्होंने कहा कि शहर का मास्टर प्लान आधुनिक तकनीक से बना रहे हैं। 2021 से यह लागू होगा। पिछले प्लान में 15 फीसदी ही कामर्शियल एरिया रखा गया था, इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया है क्योंकि यह लोगों की जरूरत है। डीएम ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें चलान जा रहे हैं। मेट्रो भी शुरू हो जाएगी। शहर कटोरे आकृति का है। एसटीपी दो फेज में लगा रहे हैं, एक जून तक पूरा हो जाएगा। जिस रफ्तार से शहर में विकास की गति बढ़ी है, 2021 तक गोरखपुर नए शहर के रूप में उभर कर आएगा।
जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या : महेंद्र पाल
पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि शहर की सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी है। कालोनी का ले आउट नहीं बनाया जाता है। जब तक प्लान नहीं बनाएंगे समस्याएं बनी रहेंगी। विधायक ने कहा कि नगर आयुक्त के बयान पर पलटवार किया, जिसमें नगर आयुक्त ने कहा कि महेसरा में जनता ने कूड़ा एकत्र करने से रोका। विधायक ने कहा कि महेसरा में कूड़ा डंप किया गया लेकिन निरस्तारित नहीं किया गया। चूना और दवाएं नहीं डाली गई। इसके चलते मक्ख्यिां भिनभिनाने लगी। अधिकारियों को सही तथ्य सामने लाना चाहिए।
योगी ने विकास की गंगा बहाई
गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास की गंगा बहाई है। तरकुलानी रेगुलेटर का प्रोजेक्ट लोगों को जलजमाव से मुक्ति दिलाएगा। 70 करोड़ से राजघाट पर पक्का घाट बन रहा है। हर प्रमुख शहर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। आने वाले दो वर्षों में गोरखपुर शहर विकास के नाम से जाना जाएगा।
इन्होंने भी उठाए सवाल
गोविवि शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो वीके सिंह, डॉ बीएन सिंह व निर्भय नरायन सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में महोत्सव का क्या उद्देश्य है?, वसुधा पांडेय ने ट्रैफिक समस्या, अरविंद सिंह ने बरगदवा- मोहद्दीपुर फोन लेन निर्माण की धीमी गति, साक्षी शुक्ला ने सड़क पर घूम रहे सांड़ और सुअरबाड़े, अंजलि निषाद ने रामपुर की खराब सड़क को लेकर सवाल उठाए।