गोरखपुर में कर वसूली में लापरवाही और लक्ष्य से काफी कम वसूली पर नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने नगर निगम के नायब मोहर्रिर को निलंबित कर दिया है। वहीं कम वसूली को लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए, दो राजस्व निरीक्षक एवं एक कर निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नगर आयुक्त आयुक्त ने शनिवार को नगर निगम के गेस्ट हाउस में कर वसूली की समीक्षा बैठक की। इस दौरान नायब मोहर्रिर विवेक कुमार द्वारा लक्ष्य से काफी कम कर वसूली मिली। इसे लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए, उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच की जिम्मेदारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को दी है। इसके अलावा राजस्व निरीक्षक अभिषेक कुमार चौधरी, राजस्व निरीक्षक कामेश्वर चौधरी और कर निरीक्षक निरंजन श्रीवास्तव को लक्ष्य से काफी कम कर वसूली करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन के अंदर उचित स्पष्टीकरण नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बिना नौकरी नगर निगम में ट्रक चला रहा था भोला, नगर आयुक्त ने जब्त की चाबी
भोला पांडेय पिछले 25 साल से बिना नौकरी और लिखा पढ़ी के नगर निगम में ट्रक चला रहे थे। मामला संज्ञान में आने के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने गाड़ी की चाबी जब्त कर ली है। साथ ही ड्राइवर को जांच के लिए बुलाया है।
नगर निगम में फिर एक फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। भोला पांडेय नामक व्यक्ति 25 साल से नगर निगम का ट्रक चला रहा है। नगर निगम प्रशासन के संज्ञान में आया है कि भोला पांडेय को टोनी पांडेय ने रखा है। नगर आयुक्त ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद ट्रक की चाबी जब्त कर ली गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
चूना, मैलाथियान की आपूर्ति करने वाली तीन एजेंसियां ब्लैकलिस्ट
नगर निगम में पिछले कई वर्षों से चूना, मैलाथियान, झाडू आदि की आपूर्ति करने वाली एजेंसी को नगर आयुक्त ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही आदेश दिया है कि आगे से इन फर्मों से किसी तरह का काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को स्टोर में चूना समाप्त हो गया था। जोनल अधिकारी एवं अपर नगर आयुक्त के साथ स्टोर की जांच की गई। सुपरवाइजर विंध्याचल ने बताया कि ठेकेदार के पास से 40 बोरी चूना आया है, लेकिन जांच में अलग बरामदे में 28 बोरी चूना रखा मिला। चूने का रंग मटमैला था और लग रहा था कि गन्ने की खोई से बना है। बार-बार निर्देशित करने के बावजूद खराब सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म से ही सामग्री आपूर्ति लेने में विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता मिली है। ऐसे में मोनार्क ट्रेडर्स, हजारीपुर, मेसर्स मिलन लाइम स्टोर, हजारीपुर, सना एजेंसीज, सिंघडिया को काली सूची में डाल दिया गया है। नगर आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इन तीनों एजेंसियों से किसी भी प्रकार की आपूर्ति अथवा कार्य न कराया जाय। भविष्य में किसी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा इसका उल्लंघन किया गया तो कठोर कार्रवाई होगी।