इससे गोलघर से लेकर विजय चौक और आसपास के इलाकों में सड़कों पर बेतरतीब खड़ी होने वाली गाड़ियां दिखनी कम हो गई थीं, लेकिन क्रेन सर्विस अचानक बंद हो गई। जून में इसके लिए फिर निविदा निकाली गई। इसमें पांच फर्मों ने दावेदारी की। सभी प्रपत्रों की जांच के बाद चार फर्मों को रद्द कर एक फर्म की दावेदारी स्वीकार कर ली गई।
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नगर आयुक्त ने टेक्निकल और फाइनेंसियल बिड में जिस फर्म ने अर्हता प्राप्त की, उसे निविदा जारी कर दिया। इसी बीच दूसरी फर्म ने शिकायत करना शुरू कर दिया। नगर निगम ने स्वीकृत निविदा की पुन: निविदा कर दी। इसी के बाद से फर्म का चयन नहीं हो सका है।
मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान का कहना है कि निविदा की प्रक्रिया में फर्में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत करती हैं। जिस आधार पर शिकायतें आ रही हैं, उन्हें जांचा जा रहा है। जांच के बाद नियमानुसार जिस फर्म का नाम आएगा, क्रेन सर्विस उसे दे दी जाएगी।