अधिकतर शोरूम ग्राहकों को दोपहिया वाहन के साथ आठ सौ रुपये से डेढ़ हजार रुपये तक की एक्सेसरीज दे रहे हैं। इनमें फुटरेस्ट, सीट कवर, ग्रिप कवर, साड़ी गार्ड आदि शामिल हैं, लेकिन हेलमेट नहीं। मोहद्दीपुर स्थित एक बाइक शोरूम के एजेंट विशाल का कहना है कि बाइक के साथ हेलमेट नहीं दिया जाता है। यदि कोई ग्राहक मांग करता है तो एक हजार रुपये अतिरिक्त चार्ज कर ब्रांडेड कंपनी का हेलमेट दिया जाता है।
गोरखपुर देवरिया मार्ग स्थित एक शोरूम के एजेंट ने बताया कि उनके यहां बाइक के साथ हेलमेट अनिवार्य रूप से दिया जाता है, लेकिन इसके लिए ग्राहक से साढ़े सात सौ रुपये वसूल किए जाते हैं। मोहद्दीपुर स्थित एक अन्य बाइक शोरूम के एजेंट वीरेंद्र यादव ने बताया कि शुल्क लेकर ही हेलमेट देने का नियम है, अधिकतर ग्राहक खुद ही हेलमेट लेने से मना कर देते हैं, इसलिए जो मांगता है, उसे शुल्क लेकर हेलमेट दिया जाता है।
हेलमेट पहले से है तो देना होता है प्रमाण
नियम के अनुसार अगर किसी ग्राहक के पास हेलमेट पहले से उपलब्ध हो तो उसे इसका प्रमाण देना होता है। हेलमेट लेकर आने पर ही शोरूम से वाहन दिया जाता है। लेकिन, शोरूम संचालक इस नियम का उल्लंघन कर हैं। ज्यादातर ग्राहकों से हेलमेट होने का प्रमाण नहीं लिया जाता है।