गोरखपुर। महानगर में खानपान संस्कृति को बढ़ावा देने व स्ट्रीट फूड व्यवस्था को व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए नगर निगम की ओर से दो नए फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने आधुनिक सुविधाओं से युक्त फूड स्ट्रीट बनाई जाएगी। दोनों परियोजनाओं पर कुल 7.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार एमएमएमयूटी परिसर के सामने विकसित होने वाली फूड स्ट्रीट पर 4.01 करोड़ रुपये और डीडीयू के सामने स्ट्रीट पर 3.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के तहत दोनों स्थलों को स्थानीय संस्कृति और विरासत की झलक देने वाली थीम पर विकसित किया जाएगा।
एमएमएमयूटी फूड स्ट्रीट का निर्माण लगभग 300 मीटर लंबे कॉरिडोर में होगा। यहां 40 हेरिटेज शैली के चलित वेंडर कार्ट, आकर्षक कैनोपी, बैठने की व्यवस्था, सेल्फी पॉइंट, लैंडस्केपिंग, सजावटी प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल कियोस्क और ड्रेनेज सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वहीं डीडीयू परिसर के सामने 150 मीटर लंबे फूड स्ट्रीट कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। यहां 35 वेंडर कार्ट, आठ सजावटी कैनोपी, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी नेटवर्क, हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था और पेयजल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। डीपीआर के अनुसार दोनों फूड स्ट्रीट में वेंडर जोन, पैदल पथ, ग्रीन बफर, फर्नीचर जोन और आकर्षक भित्ति चित्र (म्यूरल) विकसित किए जाएंगे। साथ ही राप्ती नदी और क्षेत्रीय इतिहास को दर्शाने वाले कलात्मक इंस्टॉलेशन भी लगाए जाएंगे, जिससे यह स्थल खानपान के साथ-साथ आकर्षण का केंद्र बन सकें।
दोनों परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति और धनराशि आवंटन के लिए शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
- अमित कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम