दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए बृहस्पतिवार को मोबाइल कोर्ट का आयोजन बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में किया गया। जहां, मुख्य अतिथि राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन अजीत कुमार सिंह ने 450 से अधिक दिव्यांगजनों की समस्याओं को संजीदगी से सुना और संबंधित विभाग को समस्या दूर करने का निर्देश दिया। अधिकारी से सीधे संवाद कर दिव्यांजनों ने कहा कि काश! रोजाना ऐसे ही सीधे मंच पर सुनवाई होती तो हमें भटकना नहीं पड़ता।
कैंपियरगंज के मौजा बसंतपुर सरूआताल के तोतीराम ने रोडवेज बस में कंडक्टर के द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के मामले को उठाया तो राज्य आयुक्त ने उन्हें घटना का दिन, बस का नंबर सहित ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही परिवहन विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए।
व्यापारी नेता संजय सिंघानिया ने कोतवाली पुलिस पर दिव्यांगों के उत्पीड़न का आरोप लगाया तो राज्य आयुक्त ने एसएसपी को पत्र लिखकर दोबारा ऐसा व्यवहार न होने भरोसा दिलाया। भटहट तहसील के चौरीचौरा निवासी राधेश्याम का नंबर आया तो उनकी आंखें भर आईं। खुद को संभालते हुए कहा कि साहब ठेला चलाकर जीवन यापन करता हूं। आवास मिल जाए तो जीवन काटना आसान हो जाएगा। तो राज्य आयुक्त ने आवेदन जमा कराने और नियमानुसार आवास आवंटन की बात कही।
मोतीराम की प्रियंका ने रोजगार, मीरा ने विकलांग प्रमाणपत्र बनने में आ रही समस्याओं को उठाया। कहा कि सीएमओ दफ्तर से लौटा दिया जा रहा है। जिसपर राज्य आयुक्त ने सोमवार तक प्रमाणपत्र बनाने का निर्देश दिया। कृष्णदेव ने दिव्यांगता प्रमाणपत्र तो ननकू ने ऑनलाइन प्रमाणपत्र की समस्या को उठाया। राज्य आयुक्त ने समस्या दूर कराने का भरोसा दिलाया। सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक दिव्यांगजनों की समस्त समस्याओं को राज्य आयुक्त ने सुना और उसे उचित पटल के माध्यम से हल करने का भरोसा दिलाया गया।
इस दौरान एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी संदीप मौर्य, दिव्यांगजन उपायुक्त शैलेंद्र कुमार सोनकर आदि मौजूद रहे।