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कचरे का निस्तारण करेंगे एमएमएमयूटी के शोधार्थी, पायलट प्रोजेक्ट में शुरू होगा काम

Thu, 11 Feb 2021 01:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के शोधार्थी जल्द ही शहर के कचरे का निस्तारण करेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव जंगल रामलखना में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम शुरू होगा। सफल मॉडल को नगर निगम के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, इसके बाद वार्ड मांगते हुए अनुबंध होगा।

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एमएमएमयूटी ने अब अपने शोध का दायरा गांवों की तरफ बढ़ाया है। पहले कृषि क्षेत्र में मिट्टी की नमी जानने और ड्रोन कैमरे से कीटनाशक व सिंचाई को लेकर काम शुरू किया गया। अब कचरे के प्रबंधन की दिशा में भी शोधार्थी काम करने जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए जंगल रामलखना गांव में एमएमएमयूटी को एक एकड़ जमीन भी उपलब्ध करा दी है।

वार्डों में लगाएंगे संयंत्र
एमएमएमयूटी की योजना के मुताबिक अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत जंगल रामलखना गांव का कचरा एकत्र कर उसका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद अगर नगर निगम ने अनुबंध किया तो शहर के वार्डों में छोटे-छोटे संयंत्र लगाकर काम शुरू किया जाएगा।
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गांव में स्थापित होगा लैब

एमएमएमयूटी अब अपना एक लैब जंगल रामलखना गांव में भी स्थापित करेगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। लैब में मिट्टी की जांच भी होगी और अन्य प्रकार के शोध भी शोधार्थी वहीं कर लेंगे। उन्हें सर्वे के बाद एमएमएमयूटी आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि जंगल रामलखना गांव में कचरा निस्तारण का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। इसके बाद नगर निगम से संपर्क करेंगे। पूरा काम शोधार्थी ही करेंगे। एमएमएमयूटी अब लैब से निकलकर गांव में शोध शुरू कर रहा है। ताकि शोध और कार्य समाज के उपयोगी हों।
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