अध्ययन-अध्यापन व मूल्यांकन, पाठ्यक्रम व सेलेबस, शोध-नवाचार व विस्तार गतिविधियां, अवस्थापना एवं सुविधाएं, ट्रेनिंग व प्लेसमेंट, प्रशासनिक व्यवस्था, नेतृत्व व प्रबंधक और संस्थागत मूल्य एवं परंपराएं।
तीन महत्वपूर्ण चरण होते हैं
नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया में तीन महत्वपूर्ण चरण होते हैं। पहला चरण सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) जमा करने से संबंधित है, जिसे एमएमएमयूटी ने अगस्त 2021 में पूरा किया। दूसरा चरण संस्थान द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और विवरण के सत्यापन से संबंधित होता है, एमएमएमयूटी ने इसे जनवरी 2022 में पार कर लिया था। तीसरे चरण में नैक द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ टीम ने विश्वविद्यालय में 7 से 9 जून 2022 के बीच भ्रमण किया था।
ए ग्रेड मिलने से यह होगा फायदा
गोरखपुर। एमएमएमयूटी को नैक की ए ग्रेडिंग मिलने से कई फायदे हुए हैं। एक तरफ गुणवत्ता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन गई है, वहीं डिजिटल यूनिवर्सिटी बनने की अर्हता भी पूरी हो गई है। यानी अब एमएमएमयूटी ऑनलाइन कोर्स भी शुरू कर सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। मसलन, यूजीसी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटी) से प्रोजेक्ट शुरू करने, संसाधन बढ़ाने और शोध के क्षेत्र में ग्रांट मिलने लगेगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पहली बार के मूल्यांकन में ही विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड मिलना बड़ी सफलता है। यह हमारी टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी उत्साहित हैं।