प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोड़रा ग्रांट के कुर्बान अली से बातचीत की। उन्होंने कुर्बान अली से पूछा कि लॉकडाउन का उनका अनुभव कैसा रहा। कुर्बान अली ने बताया कि लॉकडाउन में वह और उनका भाई मुंबई से लौटे तो प्रशासन ने उन्हें यहां 21 दिन क्वारंटीन कराया।
इस दौरान उन्हें राशन किट और एक हजार रुपये दिए गए, जिससे उन्हें बहुत खुशी हुई। प्रधानमंत्री ने पूछा कि तो फिर रमजान का माह भी परिवार के साथ बिताया होगा। इस पर कुर्बान अली ने बताया कि वह और उसका भाई 12 मई को ही मुंबई से लौटे थे। उन्हें ही नहीं गांव में लौटे सभी लोगों को उनके हुनर के हिसाब से काम भी दिलाया गया।
इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी प्रकट किया। लौटे मजदूरों को काम दिलाने के लिए गांव-गांव शौचालय बनवाए जा रहे हैं। कुर्बान अली को भी राजमिस्त्री का काम दिया गया है। बताया कि उन्हें राजमिस्त्री की ट्रेनिंग भी दी गई और प्रशासन की ओर से सर्टिफिकेट दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तो आप सर्टिफाइड राजमिस्त्री बन कर आगे काम करने जाएंगे। प्रधानमंत्री ने पूछा कि जब बीमारी फैली तो आपके मां बाप, रिश्तेदार सब चिंता में पड़ गए होंगे। कुर्बान अली बोले कि वह खुद भी घबरा गया था।
लौटा तो यहां काम भी मिला और परिवार वालों के साथ ईद भी मनाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यानी सब खुश हैं लेकिन अब अपनी तबीयत का ख्याल रखते हो या ऐसे ही बिना मास्क लगाए बहादुर बन कर घूम रहे हो। कुर्बान अली ने बताया कि वह घर लौटकर का काफी खुश है, इस पर प्रधानमंत्री ने उसे और सभी लोगों को शुभकामनाएं दी।