टप्पेबाजी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गोरखपुर पुलिस की सारी कोशिश अब तक नाकाम रही है। एक पखवारे में जिले में टप्पेबाजी की पांच घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें से चार घटनाएं शहर के ही विभिन्न हिस्सों में हुई हैं, जबकि एक घटना बड़हलगंज क्षेत्र की है। दो जगह टप्पेबाजों की फोटो भी मिल चुकी है, लेकिन अभी कोई पकड़ा नहीं जा सका है।
गोरखपुर शहर समेत पूरे जिले में चेन स्नेचिंग, एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने, नकली नोट की गड्डी थमाकर धोखाधड़ी करने के अलावा हमदर्दी दिखाकर रुपये व गहने उड़ाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। पिछले सप्ताह बड़ी मेहनत कर एक टप्पेबाज को पकड़कर महराजगंज के व्यापारी से हुई टप्पेबाजी की घटना का खुलासा हुआ तो उसके कुछ ही घंटे बाद लखनऊ के एक व्यापारी को पुलिस बनकर जांच के नाम पर लूट लिया गया।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज मिला और पुलिस ने संदिग्ध की फोटो जारी करते हुए पकड़वाने पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया, लेकिन अपराधी पकड़े नहीं जा सके। मोहद्दीपुर में एचडीएफसी बैंक के सामने खड़ी बाइक की डिकी का लॉक तोड़कर रुपये चोरी होने के मामले का अब तक खुलासा नहीं हुआ जबकि इस घटना को करीब एक माह बीत चुके हैं।
टप्पेबाजी की कुछ प्रमुख घटनाएं
- 23 अक्तूबर को महराजगंज के एक व्यापारी से गोलघर में जांच के नाम पर डेढ़ लाख रुपये उड़ा दिए थे।
- 27 अक्तूबर को कैंट क्षेत्र में पुलिस लाइंस के पास दिल्ली के एक व्यापारी से 75 हजार रुपये छीनकर भाग गए थे।
- एक नवंबर को कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ के एक व्यापारी से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर जांच के नाम पर 80 हजार रुपये लेकर चंपत हो गए थे।
- आठ नवंबर को इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बाइक सवार टप्पेबाजों ने महिला को लूट का भय दिखाकर आभूषण ले लिया और भाग निकले।
- 10 नवंबर को बड़हलगंज कस्बे में महिला का परिचित बनकर करीब दो लाख रुपये का सोने-चांदी का आभूषण ले लिया और गायब हो गया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में टप्पेबाजी की कुछ घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। इससे मिली फोटो के आधार पर छानबीन चल रही है। कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ के व्यापारी से हुई घटना में शामिल टप्पेबाजों को पकड़ने के लिए टीम भी लगाई गई है। टप्पेबाजों पर पांच हजार का इनाम घोषित है। जल्दी ही टप्पेबाजों को पकड़ लिया जाएगा।