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मिड-डे-मील के खाने में मिले थे कीड़े: एक और बच्ची की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में भर्ती; देखें VIDEO

Mon, 17 Jul 2023 11:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती सभी बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा है। बाल रोग विभाग में भर्ती सभी 14 बच्चों को सोमवार तक घर भेजा जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि कोई बच्चा फूड प्वाइजनिंग का शिकार नहीं हुआ था।
 
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चे।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में गुलरिहा क्षेत्र के सरैया बाजार कंपोजिट विद्यालय में शनिवार की दोपहर में मिड-डे मील खाने वाली एक और बच्ची बीमार पड़ गई। रविवार सुबह परिजनों ने उसे बीआरडी मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया। वार्ड में पहले से भर्ती 13 बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है।

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शनिवार की दोपहर में सरैया बाजार स्थित कंपोजिट विद्यालय में मिड-डे मील खाकर 60 बच्चे बीमार हो गए थे। अक्षय पात्र संस्था की ओर से बच्चों को खाने में राजमा-चावल दिया गया था। बच्चों ने राजमा में कीड़े मिलने की शिकायत की थी। मामले की जानकारी मिलने पर परिजन पहुंच गए। लोगों ने अक्षय पात्र संस्था के वाहन में तोड़फोड़ कर आक्रोश जाहिर किया था। पेट दर्द और उल्टी से परेशान बच्चों को सीएचसी चरगांवा ले जाया गया। वहां हालत में सुधार होने पर अन्य बच्चों को छुट्टी मिल गई। 13 बच्चों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां उनका उपचार चल रहा है।

रविवार की सुबह एक अन्य बच्ची सलोनी के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टर नहीं मिले तो परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। सलोनी के पिता गब्बर ने डॉक्टरों को बताया कि उसने भी अन्य बच्चों की तरह मिड-डे मील खाया था। उसे भी सीएचसी पर ले गए थे। वहां उपचार के बाद शनिवार की रात डॉक्टरों ने घर भेज दिया। रविवार की सुबह दोबारा उसके पेट में दर्द की शिकायत हुई। उपचार के बाद उसकी सेहत में सुधार हुआ है।
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डाॅक्टरों की निगरानी में बच्चे, सोमवार को मिलेगी छुट्टी

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती सभी बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा है। बाल रोग विभाग में भर्ती सभी 14 बच्चों को सोमवार तक घर भेजा जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि कोई बच्चा फूड प्वाइजनिंग का शिकार नहीं हुआ था।

मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग
अभिभावक कमलेश निषाद, रामबचन, प्रमोद कुमार, गब्बर आदि का कहना है कि अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने से वे लोग घबरा गए थे। अभिभावकों ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।


अब बच्चों की हालत में सुधार है। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बच्चों को मिचली आने और उल्टी की शिकायत होने पर भर्ती कराया गया था। -डॉ. भूपेंद्र शर्मा, नोडल अधिकारी, बाल रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज

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