बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती सभी बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा है। बाल रोग विभाग में भर्ती सभी 14 बच्चों को सोमवार तक घर भेजा जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि कोई बच्चा फूड प्वाइजनिंग का शिकार नहीं हुआ था।
मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग
अभिभावक कमलेश निषाद, रामबचन, प्रमोद कुमार, गब्बर आदि का कहना है कि अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने से वे लोग घबरा गए थे। अभिभावकों ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
अब बच्चों की हालत में सुधार है। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बच्चों को मिचली आने और उल्टी की शिकायत होने पर भर्ती कराया गया था।
-डॉ. भूपेंद्र शर्मा, नोडल अधिकारी, बाल रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज