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गोरखपुर: दो दिन पुराने ई वे बिल पर भेजी थीं दवाएं, वाणिज्यकर विभाग ने लगाया 10.90 लाख जुर्माना

Sat, 02 Oct 2021 08:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

परिवहन के लिए जो ई वे बिल बना था, वह 25 सितंबर को ही समाप्त हो गया था। जबकि उस पर 27 सितंबर को माल भेजा जा रहा था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : social media
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विस्तार
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जीएसटी बचाने के लिए मेरठ से 54 लाख की दवाइयां दो दिन पुराने ई वे बिल पर गोरखपुर भेजी गईं थीं। सचल दल प्रथम की टीम ने इस माल को पकड़ा और इस पर 10.90 लाख का जुर्माना लगाकर रिलीज किया है। इससे पहले भी इस तरह के मामले पकड़े जा चुके हैं।

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जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू होने के बाद एक माल को भेजने के लिए टैक्स जमा करने के साथ ही उसके परिवहन के लिए ई वे बिल तैयार होता है। इस बिल पर माल ढुलाई का समय निर्धारित होता है। इस अवधि के बाद माल पकड़ा जाता है तो उस पर वाणिज्यकर विभाग अलग से जुर्माना वसूल करता है।

मेरठ के एक व्यापारी ने 54 लाख की दवाइयों की खेप गोरखपुर के लिए भेजी थी। इस माल को 27 सितंबर को पकड़ा गया था। वाणिज्यकर विभाग के सचल दल इकाई प्रथम ने इस माल को पकड़ा। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू एसआईबी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परिवहन के लिए जो ई वे बिल बना था, वह 25 सितंबर को ही समाप्त हो गया था। जबकि उस पर 27 सितंबर को माल भेजा जा रहा था। एक्सपायर हुए तीन ई वे बिल पर क्रमश: पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दर से कुल 10.90 लाख रुपये अर्थदंड जमा कराकर इस माल व वाहन अवमुक्त किया गया।
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लखनऊ का माल सहजनवां में उतार रहे थे

वाणिज्यकर विभाग के सचल दल नंबर तीन ने सहजनवां के निकट हरैया में उतारे जा रहे शीशा की एक खेप पकड़ी है। ई वे बिल के अनुसार इस माल को लखनऊ में उतारा जाना था।

सचल दल तृतीय के वाणिज्यकर अधिकारी विकास श्रीवास्तव ने बताया कि हरिद्वार (उत्तराखंड) की एक कंपनी से लखनऊ के लिए माल भेजा गया था लेकिन उसे सहजनवां में उतारा जा रहा था। 30 सितंबर को अधिग्रहित इस माल का मूल्य आठ लाख अरसठ हजार रुपये था। इस पर 293190 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

पहले भी पकड़ा जा चुका है मामला
एक ही ई वे बिल पर कई बार माल पार कराने का ‘खेल’ पहले भी पकड़ा जा चुका है। इससे पहले एक ट्रक पर लदा पान मसाला को पकड़ा गया था। तब इस बात का खुलासा हुआ था कि व्यापारी टैक्स बचाने के लिए एक बार लंबी दूरी का ई वे बिल तैयार कराते हैं और उस पर एक से अधिक बार कम दूरी का माल भेज देते हैं। इसके अलावा बस्ती में सुपारी की एक खेप भी सचल दल ने पकड़ा था।
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