सस्ती होने वाली दवाओं में गले की एलर्जी, शुगर, ब्लडप्रेशर, खून पतला करने, गैस की शिकायत होने पर दी जाने वाली दवा, नसों को मजबूत करने, विटामिन डी-3 की कमी होने पर दी जाने वाली दवा, दर्द की दवा और जब बुखार न उतरे तो उस स्थिति में मरीज को दिया जाने वाला इंजेक्शन शामिल है।
बुखार, शुगर और बीपी समेत अन्य बीमारियों की 19 दवाएं सस्ती होंगी। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 19 दवाओं की नई कीमत तय कर दी है। पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद, जल्द ही ये दवाएं लोगों को सस्ते दामों में मिल सकेंगी।
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जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने दवाओं की कीमत के निर्धारण के लिए एनपीपीए का गठन किया है। एनपीपीए हर साल दवाओं कीकीमत का निर्धारण करता है। इस साल एनपीपीए ने जिन दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य निर्धारित किए हैं, उनमें सबसे ज्यादा लाभ बुखार, ब्लडप्रेशर और शुगर के मरीजों को होगा।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय उपाध्याय और महामंत्री दिलीप सिंह ने बताया कि दवाओं के रेट कम होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का लाभ होगा। जल्द ही नए रेट पर दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा बुखार में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन भी सस्ता होगा।
खून पतला करने से लेकर गैस तक की दवाएं की गई हैं शामिल
सस्ती होने वाली दवाओं में गले की एलर्जी, शुगर, ब्लडप्रेशर, खून पतला करने, गैस की शिकायत होने पर दी जाने वाली दवा, नसों को मजबूत करने, विटामिन डी-3 की कमी होने पर दी जाने वाली दवा, दर्द की दवा और जब बुखार न उतरे तो उस स्थिति में मरीज को दिया जाने वाला इंजेक्शन शामिल है। यह दवाएं आम तौर पर हर घर में इस्तेमाल की जाती हैं।