गोरखपुर विश्वविद्यालय को वार्षिक परीक्षा प्रणाली से सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली के मोड में लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छुट्टियों को कम करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में आगामी दिवाली के आसपास की 8, 9, 10 व 14 नवंबर की छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद कर दी गई है। यही नहीं विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए मेडिकल छुट्टी की व्यवस्था इस तर्क के साथ समाप्त कर दी है कि मेडिकल छुट्टी का कोई प्रावधान किसी राज्य विश्वविद्यालय में नहीं है।
दशहरा के दौरान विश्वविद्यालय आठ दिन के लिए बंद रहा। इसके चलते अध्ययन-अध्यापन से लेकर परीक्षा संबंधी कार्य भी प्रभावित हुआ। अभी इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन जूझ ही रहा था कि दिवाली में आठ दिन की छुट्टी की चर्चा भी शुरू हो गई।
बीते सोमवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जब सेमेस्टर परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अधिष्ठाताओं और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई और उनके सामने छुट्टियों के चलते कार्य प्रभावित होने की बात उठी तो उन्होंने इसे लेकर खासी नाराजगी जताई।
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कहा कि समय से पढ़ाई और परीक्षा कराने के लिए छुट्टियों की संख्या कम करनी होगी। विश्वविद्यालय में इतनी अधिक छुट्टियां छात्रहित को प्रभावित करने वाली हैं। दशहरे की अधिक छुट्टी के दुष्प्रभाव को देखते हुए उन्होंने दिवाली के दौरान होने वाली आठ छुट्टियों में से चार छुट्टियों को न केवल रद करने का निर्णय ले लिया बल्कि इसे लेकर कुलसचिव से आदेश भी जारी करवा दिया।