पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल का मऊ देश का पहला रेलवे स्टेशन बन गया, जहां पर कोविड केयर सेंटर के रूप में परिवर्तित कोच में कोरोना संदिग्ध मरीजों को रखा गया है। यहां अभी तक 59 मरीज भर्ती हो चुके हैं जिसमें 27 स्वस्थ होकर जा चुके हैं। 32 मरीज अभी भी भर्ती हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे में 217 कोच को कोविड केयर सेंटर के रूप में परिवर्तित किया गया है। 14 स्टेशनों पर रेक (12 कोच) को खड़ा किया गया है। गोरखपुर स्टेशन पर खड़ा होने वाला कोच इस समय नकहा जंगल में रखा गया है। वहीं ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय में 200 बेड की सुविधा कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराई गई है।
इसमें अभी तक कुल 142 मरीज भर्ती किए गए हैं, जिनमें से 116 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं। 20 मरीजों का इलाज चल रहा है। 6 मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
14 स्टेशन जहां पर रहेंगे कोच
इसी प्रकार इज्जत नगर मंडल के चिकित्सालय में 81 मरीज भर्ती किए गए हैं। 7 मरीजों को उच्च सुविधा युक्त मेडिकल सेंटर में रेफर किया गया। 68 व्यक्तियों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में 6 मरीजों का इलाज चल रहा है।
गोरखपुर, वाराणसी सिटी, गोंडा, बरेली सिटी, मंडुवाडीह, बलिया, मऊ, गाजीपुर सिटी, आजमगढ़, नौतनवा, फर्रूखाबाद, भटनी, देवरिया, बहराइच, कासगंज।
रेक की संरचना
प्रत्येक रेक में कुल 12 कोच लगाए गए हैं। कोच की संरचना में 10 कोच-कोविड केयर सेंटर, एक एसी कोच एवं एक एसएलआर लगाया गया है। एक कोच में मरीजों के लिए 8 केबिन बनाए गए हैं।