दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परीक्षा समिति ने सत्र 2020-21 में परास्नातक की परीक्षाओं का भी प्रारूप तैयार कर लिया है। स्नताक की तरह ही परास्नातक की परीक्षाएं भी डेढ़ घंटे की होंगी। स्नातक में सभी सवाल ऑब्जेक्टिव होंगे तो वहीं परास्नातक में 30 फीसदी डिस्क्रिप्टिव और 70 फीसदी ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। वार्षिक परीक्षाएं अब 29 जुलाई की जगह 27 जुलाई से शुरू होंगी।
शनिवार को कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में परीक्षा समिति की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में 24 जून को उपमुख्यमंत्री के साथ आयोजित प्रदेश के समस्त कुलपतियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की ऑनलाइन मीटिंग में मिले दिशा निर्देशों के मुताबिक समय सारिणी और परीक्षा प्रारूप में आंशिक बदलाव किया गया। कुलपति ने 6 सदस्यीय कमेटी का गठन कर शासन स्तर से मिले निर्देशों को समाहित करने का कार्य सौंपा था। उनकी रिपोर्ट पर परीक्षा समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रैक्टिकल में विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए सिर्फ असाइनमेंट को ही शामिल किया जाएगा। वार्षिक परीक्षा कार्यक्रम भी तैयार हो चुका है। जिसे शीघ्र ही जारी किया जाएगा। सेमेस्टर परीक्षाओं का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। 10-15 अगस्त के बीच इनका आयोजन किये जाने की तैयारी है।
प्रथम वर्ष के विद्यार्थीं होंगे प्रमोट
विश्वविद्यालय द्वारा शासन के निर्देश के क्रम में परीक्षाओं के बाबत निर्णय लेते हुए स्नातक और परास्नतक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया है। जबकि स्नातक द्वितीय और अंतिम वर्ष की परीक्षाओं का ऑफलाइन मोड में आयोजन किया जाएगा।