गोरखपुर। मानसरोवर रामलीला मैदान में आर्य नगर रामलीला महोत्सव के 109वें वर्ष का शुभारंभ शनिवार को भक्तिमय वातावरण में हुआ। रामलीला के निर्विघ्न आयोजन की कामना के साथ दृष्टिबाधित बच्चों ने सुमधुर स्वर में सुंदरकांड का पाठ किया। रामलीला मंचन के क्रम में कलाकारों ने पृथ्वी की पुकार और नारद मोह की लीला का सजीव मंचन किया।
रामलीला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने महाआरती की। रामलीला समिति, आर्य नगर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगवान गणेश की आरती भी की गई। कलाकारों ने पृथ्वी की पुकार और नारद मोह की लीला का सजीव मंचन किया। रावण के अत्याचारों से त्रस्त पृथ्वी देवताओं के साथ भगवान विष्णु के पास पहुंचकर उद्धार की प्रार्थना करती है।
देवताओं की स्तुति से प्रसन्न भगवान विष्णु पृथ्वी पर अवतार लेने का आश्वासन देते हैं। इसके बाद नारद मोह की लीला में दिखाया गया कि विश्व मोहिनी के स्वयंवर में विवाह की इच्छा लेकर पहुंचे नारद भगवान विष्णु से उनके जैसा रूप मांगते हैं। भगवान की माया से उनका मुख वानर जैसा हो जाता है। स्वयंवर में उपहास का पात्र बनने और विश्व मोहिनी को भगवान विष्णु के साथ जाते देख नारद क्रोधित हो जाते हैं।
बाद में भगवान की माया का रहस्य समझ आने पर उनका मोह दूर होता है। इस प्रसंग ने दर्शकों को भक्ति, मोह और ईश्वरीय लीला का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष पुष्प दंत जैन ने बताया कि रविवार को शाम सात बजे तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल रामलीला का विधिवत उद्घाटन करेंगे।
कार्यक्रम में समिति के उप मंत्री सुधीर जैन, डॉ. सिद्धनाथ त्रिपाठी, डॉ. सुप्रिया त्रिपाठी, पार्षद शाश्वत अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल, बृजेश मणि मिश्रा, अनुराग गुप्ता, विकास जालान, जीतू अग्रवाल, संतोष राजभर, नवोदित त्रिपाठी, जयदित सिंह, केवी अग्रवाल, भागवत अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल सहित समिति के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।