इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह व मृतक मनीष की फाइल फोटो।
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इंस्पेक्टर जेएन सिंह पर चार साल में तीन बार हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे, लेकिन इसके पहले दोनों ही मामलों में वे किसी कार्रवाई से बच गए। यह पहला मामला है, जिसमें इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इसके पहले जो आरोप लगे थे, उनमें जिनके साथ घटना हुई थी, वे किसी ना किसी आपराधिक मामले के आरोपित थे, इस वजह से वह प्रकरण मुद्दा नहीं बन पाया। जेएन सिंह की भर्ती पुलिस विभाग में सिपाही पद पर हुई थी। पुलिस विभाग में उनके उस समय के कामों को देखते हुए आउट ऑफ टर्म प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बना दिया गया था।
बांसगांव में शुभम उर्फ सोनू कुमार की मौत पर आरोप
जेएन सिंह के बांसगांव इंस्पेक्टर रहने के दौरान एक युवक शुभम की पिटाई से मौत का आरोप लगा था। विशुनपुर निवासी मुन्ना प्रसाद के बेटे शुभम उर्फ सोनू कुमार के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज था। पुलिस ने उसे 11 अक्तूबर 2020 को पकड़ कर जेल भेजा था। 7 नवंबर को जेल में उसकी तबीयत खराब हुई और फिर मौत हो गई थी। आरोप था कि पिटाई से उसे गहरे घाव आए थे।
गौतम सिंह की मौत पर लगा था लापरवाही का आरोप
13 अगस्त 2021 को रामगढ़ताल पुलिस पर 20 वर्षीय गौतम सिंह की कस्टडी में मौत का आरोप लगा था। आरोप था कि गायघाट बुजुर्ग में वह प्रेमिका से मिलने गया था और वहीं पर उसकी पिटाई कर दी गई थी। उसे थाने लाया गया था। घरवालों का कहना था कि पिटाई के बाद गंभीर चोट लगने के बाद भी पुलिस उसे समय से अस्पताल लेकर नहीं गई थी, जिससे मौत हो गई थी। लेकिन, बाद में पिता ने ही आरोप वापस ले लिए थे।
मनीष गुप्ता की पीटकर हत्या का आरोप
सबसे ताजा आरोप कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पीटकर हत्या करने का आरोप जेएन सिंह पर लगा है। आरोप है कि वह अपने सहयोगी पुलिस वालों के साथ चेकिंग करने के लिए गए थे। होटल के कमरे में मारपीट होने पर पुलिस ने बेरहमी से मनीष की पिटाई कर दी, जिससे मौत हो गई। इस मामले में जेएन सिंह कानून के शिकंजे में आ गए हैं।