कोरोना संक्रमित महिला रविवार की रात से ही प्राइवेट अस्पताल में उपेक्षित पड़ी रही। डॉक्टर व कर्मचारी उसे अस्पताल में ही महिला को छोड़कर चले गए। 24 घंटे तक महिला, उसके पति समेत चार लोग अस्पताल में मौजूद रहे। उन्हें रविवार की रात और सोमवार की सुबह का भोजन नसीब नहीं हुआ। दोपहर में महिला को बीआरडी मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक पिपरौली के भौवापार निवासी महिला को बच्चेदानी में रक्तस्राव हो रहा था। गांव की आशा कार्यकर्ता ने महिला को 22 मई को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा था। महिला के पति के मुताबिक डॉक्टर ने बच्चेदानी के ऑपरेशन का फैसला लिया था।
इससे पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो हड़कंप मच गया। अस्पताल का स्टाफ भी भाग निकला। महिला की देखरेख में परिजन लगे रहे। आशा कार्यकर्ता व बहू भी अस्पताल में मौजूद रहीं। इस सिलसिले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
पति सहित आठ डेंटल कॉलेज में हुए क्वारंटीन
कोरोना संक्रमित महिला को बीआरडी मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करने के बाद उनके पति सहित परिवार के आठ सदस्यों को गीडा स्थित डेंटल कॉलेज में क्वारंटीन करा दिए गया है। पिपरौली प्रतिनिधि के मुताबिक महिला मुंबई से लौटी है। उसके परिवार के कुछ सदस्य भी मुंबई से आए हैं। जो लोग क्वारंटीन हैं, उनके नमूने पांच दिनों बाद लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।