गोरखपुर जिले के पिपराइच क्षेत्र के चकिया गांव में नहर की पटरी के बगल में दफन शव मिलने से सनसनी फैल गई। यह शव बैलो गांव के टोला सबहिया निवासी नारदमुनि साहनी (40) का था, जो तीन दिन पहले घर से काम पर निकला था। माथे पर गंभीर चोट के निशान हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक की पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना स्थल गोरखपुर और महराजगंज जिले के बार्डर पर है। पिपराइच थाना क्षेत्र के चकिया नहर की पटरी के पूरब मिट्टी में दबे शव का कुछ हिस्सा बाहर निकल गया था। बृहस्पतिवार की सुबह बच्चे नहर की तरफ जा रहे थे, तो गड्ढे से हाथ बाहर निकला देखकर शोर मचाया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिर व चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। सिर पर मफलर बंधा था। शव से बदबू आने लगी थी। शव की पहचान बैलो गांव के सबहिया टोला निवासी नारद मुनि साहनी (40) पुत्र राम आधार के रूप में हुई।
परिजनों का कहना है कि नारद मुनि साहनी पेंट पॉलिश का काम करते थे। साइकिल से ही गोरखपुर आते-जाते थे। अक्सर ही गोरखपुर में ही रुक जाते थे। परिवार के लोग यही सोच कर निश्चिंत थे कि जहां काम मिला होगा, वहीं रुक गए होंगे। बृहस्पतिवार को शव मिलने की खबर से सब चीख पड़े।
एसओ पदमनाथ मिश्र ने बताया कि मृतक नारदमुनि साहनी की पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन कराई जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास चल रहा है।
पुरानी रंजिश को बता रहे हत्या की वजह
परिजनों का कहना है कि नारदमुनि मंगलवार को सुबह घर से गोरखपुर के लिए निकले थे। इनका इकलौता पुत्र भी हैदराबाद में मजदूरी करता है। भतीजे सोनू साहनी ने बताया कि जमीन से संबंधित एक मुकदमा चल रहा है, जिसमें कई बार दूसरे पक्ष के लोग मारपीट कर चुके हैं। जान से मारने की धमकी भी दे चुके हैं।