इसके लिए स्थानीय लोगों का बड़ा गिरोह खड़ा किया गया है। स्थानीय लोग दुकानदारों का भरोसा जीतते हैं, फिर नकली नोट देकर सामान खरीदते हैं। हर व्यक्ति को पांच-पांच हजार रुपये नकली नोट दिए जाते हैं। इसे खपाने के एवज में हर व्यक्ति को 20-25 फीसदी कमीशन दिया जाता है।
डीआरआई को इस गिरोह सदस्यों की सटीक जानकारी मिल चुकी है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होंगी। गिरोह के अन्य सदस्य सतर्क न हो जाएं, इसलिए डीआरआई पकड़े गए युवक की पहचान जाहिर नहीं कर रही है।
सिकरीगंज पुलिस ने 11 दिसंबर को बेलघाट थानाक्षेत्र के बरपार गांव से धर्मपाल मौर्य को नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। धर्मपाल के पास से 200-200 रुपये के 33 नकली नोट बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक धर्मपाल एक दिन में सिर्फ एक 200 रुपये का नकली नोट खपाता था ताकि किसी को शक न हो सके। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब डीआरआई भी मामले की गहनता से जांच करने पर विचार कर रही है।