जमीन पर कब्जा जमाने व रंगदारी वसूलने के मामले में फरार चल रहे माफिया विनोद उपाध्याय की तलाश में गोरखपुर पुलिस आसपास के जिलों तक सिमट गई है। जबकि खबर है कि वह चकमा देकर भारत की सीमा लांघकर नेपाल पहुंच गया है। एसटीएफ के रडार पर माफिया की गतिविधियांं भी आ गई हैं, लेकिन सटीक लोकेशन न मिल पाने की वजह से दबोचा नहीं जा सका है। उधर, करीब एक महीने से माफिया की तलाश में खाक छान रही पुलिस अब इनाम बढ़वाने की फिराक में है। 50 हजार के इनाम को एक लाख रुपये करने के लिए फाइल एडीजी के पास जल्द भेज दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व शासकीय अधिवक्ता प्रवीण श्रीवास्तव ने गुलरिहा थाने में विनोद उपाध्याय और उसके भाई संजय उपाध्याय पर रंगदारी मांगने व जमीन के लिए जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया है। इसके बाद पुलिस ने जमीन से कब्जा हटवाने के साथ ही दोनों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया, लेकिन माफिया पकड़ में नहीं आया। माफिया विनोद और उसके भाई पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया। इसके बाद भी पकड़ में नहीं आने पर माफिया पर इनाम की राशि आईजी जे.रविंद्र ने बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी।
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माफिया की तलाश में पुलिस लखनऊ के उसके आवास पर गई तो पता चला कि वह खुद को पूर्व मंत्री बताकर रहता था। इसके बाद अयोध्या में उसके ठिकाने पर पुलिस गई थी। ससुराल तक होकर लौट चुकी पुलिस के हाथ माफिया विनोद नहीं लगा। इस बीच उसके बस्ती कोर्ट में हाजिर होने की खबर आई। इसके बाद से माफिया कहां है, यह पुलिस भी नहीं जानती है।
अब एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि माफिया की लोकेशन नेपाल में मिली है। आखिरी बार उसे बॉर्डर पर देखा गया था, टीमें लगी भी है, लेकिन सफलता कब मिलेगी, यह तय नहीं है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि माफिया पर इनाम घोषित है। पुलिस टीमें लगी हैं। कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही उसे दबोचा जाएगा।