मृतक गंगेश दत्त पाण्डेय की फाइल फोटो।
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बड़े भाई योगेश दत्त पांडेय की हत्या के एकमात्र मुख्य गवाह गगन पांडेय की मौत नहीं हत्या की गई थी। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के राज से पर्दा उठ गया है। विसरा रिपोर्ट में गगन की मौत का कारण जहर आया है। हत्या वाले दिन सुबह अंजान नंबर से फोन आने के बाद गगन किसी से मिलने गया था।
वापसी में गोलघर के गणेश चौराहे पर उसका मृत शव मिला था। अब, गगन की विसरा रिपोर्ट आ गई है। परिजनों ने मामले में विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर, उनके बेटे समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कराया था।
दरअसल, 9 अगस्त 2024 की दोपहर में गंगेश दत्त पांडेय उर्फ गगन का शव संदिग्ध परिस्थिति में गोलघर चौराहे से मिला था। परिवार के लोगों ने तभी आरोप लगाया था कि बातचीत के लिए गंगेश को बुलाकर जहर देकर मार दिया गया। युवक की भाभी ने कैंट थाने में गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर व उनके बेटे समेत पांच लोगों के विरुद्ध तहरीर दी है।
गंगेश के शव को सड़क पर रखकर लगाया गया जाम. मृतक गगन की फाइल फोटो
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पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। दक्षिणी बेतियाहाता, फलमंडी के पास रहने वाले गंगेश दत्त पांडेय उर्फ गगन ( 35 वर्ष) शनिवार के दिन दोपहर करीब 12 बजे अपने दो पहिया वाहन से जाते समय गणेश चौक के पास लड़खड़ा कर गिर गए थे। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसकी जानकारी पुलिस ने परिवार के लोगों को दी गई। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोगों ने बताया कि पूर्व में बड़े भाई की हत्या में गंगेश मुख्य गवाह था। हत्या का केस इस समय न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप लगाया कि इसी रंजिश में उसकी जहर देकर हत्या की गई है।
योगेश की पत्नी पुष्पा का आरोप है कि समझौता करने के लिए हत्यारोपी उनके परिवार पर दबाव बना रहे थे। सेवानिवृत्त प्रोफेसर के एक शिष्य ने बातचीत करने के बहाने शनिवार की सुबह उनके देवर गंगेश को बुलाया था। पुष्पा देवी ने कैंट थाना पुलिस को इस संबंध में तहरीर देकर आरोप लगाया कि गंगेश को जहरीला पदार्थ दिया गया। जिसकी वजह से रास्ते में मौत हो गई।
वर्ष 2017 में हुई थी हत्या
फल मंडी के पास रहने वाले जटाशंकर पांडेय के बडे़ पुत्र योगेश दत्त पांडेय की हत्या 2017 में हुई थी। इस मामले में परिजनों ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर, उनके स्कूल का संचालन देख रहे उनके बेटे समेत चार लोगों पर केस दर्ज कराया था। योगेश के छोटे भाई गंगेश दत्त पांडेय इस केस में मुख्य गवाह थे।
शव सड़क पर रखकर परिजनों ने लगाया था जाम
गंगेश के शव को सड़क पर रखकर परिजनों ने जाम लगाया था। इस दौरान उनकी मांग थी कि आरोपियों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। लेकिन, पुलिस की तरफ से ठोस कार्रवाई के लिए विसरा रिपोर्ट और पीएम रिपोर्ट आने की बात कही गई थी। अब रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जा सकती है।