नींबू की बागवानी से एक युवक अच्छी आमदनी कर रहा है। पढ़ाई करने के बाद उसने नौकरी की जगह स्वरोजगार को प्राथमिकता दी। उसका कहना है कि नींबू की बागवानी में कम लागत में मुनाफा अधिक है, पर इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।
पिपरौली ब्लाक हर्दिया पिछौरा गांव निवासी संदीप शुक्ला ने बीसीए की पढ़ाई के बाद नौकरी की जगह स्वरोजगार का संकल्प लिया। उसके कई साथी जैविक खेती करते हैं। लेकिन, उसने खेती की जगह कुछ नया करने के लिए बागवानी में हाथ आजमाने की ठानी। उसका कहना है कि वह ऐसा पौधा लगाना चाहता था, जिससे नुकसान कम हो। इसलिए उसने नींबू का पौधा लगाने का निर्णय लिया। बकौल संदीप एक नींबू का पौधा 20 से 25 रुपये में मिलता है। एक एकड़ में 150 से 200 पौधों को लगाया जा सकता है। एक साल में उन पौधों में फल आने लगेगा, लेकिन जब पौधे तीन साल के हो जाएंगे तब उनमें अधिक फल आएगा और आमदनी अधिक होगी।
उन्होंने बताया कि शुरुआत थोड़े पौधों से की। उसके बाद एक एकड़ में नींबू के पौध लगाए हैं। तीन साल में एक पौधे से जहां 150 से 200 फल आएंगे, वहीं, पांच साल में उस पौधे से 600 से 700 फल निकलेंगे। वहीं, जब वह पौधा छह साल का हो जाएगा तो 1000 नींबू निकलेंगे। एक बार नींबू लगाने पर 20 साल तक फल देता है।
उन्होंने बताया कि वह एक एकड़ नींबू के पौधे लगाए हैं। तीन साल का पौधा होने पर एक एकड़ में इस साल 1.10 लाख का नींबू बेचे हैं। इस बार जिस तरह से फूल उसमें आए हैं, पूरी उम्मीद है कि सीजन में जब नींबू तैयार हो जाएगा तो चार लाख का बिकेगा। पौधे तैयार हो जाने पर लागत कम हो जाती है। उसने बताया कि नींबू की यही खासियत है कि एक साल में एक बार फल देता है, पर हर साल फलेगा जरूर।
कैसे लगाएं नींबू का बाग
नींबू लगाने का समय फरवरी मार्च है। इसके लिए चार बाई चार मीटर पर एक बाई एक मीटर का गड्ढा खोदकर गड्ढे में गोबर की खाद डाल दें। उसमें थोड़ी, डीएपी, पोटाश व यूरिया मिला दें। मिट्टी से गड्ढे को भर दें। उसके बाद उसमें पानी चला दें। शुरुआती दौर में 10 दिन में पानी चलाएं। एक साल में पौधा फल देने लगेगा। इस बीच किसान चाहे तो खेत में सह फसली खेती कर सकता है।