कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र के एक गांव के अलग-अलग जाति से संबंधित युवक-युवती की प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी है। रविवार को युवक के घर पहुंची युवती पूर्व में मंदिर में शादी होने की बात कहकर युवक के घर में ही रहने की जिद्द पर अड़ी थी। सोमवार को प्रेमी युगल ने शादी को पंजीकृत कराने के लिए एसडीएम कोर्ट में अर्जी दी।
खड्डा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक व युवती में काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन दोनों की जाति अलग होने व सामाजिक प्रतिष्ठा के आड़े आने से इस रिश्ते को स्वीकृत नहीं मिल रही थी। रविवार को युवती अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और युवक को पति बताकर उसी के साथ घर में रहने पर अड़ गई।
युवक ने भी सामने आकर लड़की को अपनाने की बात कही। दोनों की जिद्द को देखते हुए परिजन राजी हो गए और मंदिर में हुई शादी को मान्यता देते हुए पति पत्नी स्वीकार कर लिया। सोमवार को प्रेमी युगल खड्डा एसडीएम कोर्ट में पहुंचे और शपथ पत्र देते हुए बालिग होने व मंदिर में हुई शादी व परिजनों की रजामंदी की बात कही।
अधिवक्ता अनूप मिश्र का कहना था कि दोनों बालिग हैं और मंदिर में शादी कर चुके हैं। परिजन भी स्वीकार कर सामाजिक मान्यता दे चुके हैं। ऐसे में इस अंतर्जातीय विवाह को कानूनी मान्यता देने में कोई दिक्कत नहीं है। एसडीएम कोर्ट में सोमवार को आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।