इश्क करें तो यह जरूर देख लें कि आपने जिससे दिल लगाया है, वह बालिग तो है न, वरना जाएंगे जेल, पूरी जिंदगी हो जाएगी तबाह। नाबालिग से इश्क करने की कई घटनाओं में जो परिणाम सामने आए हैं, उनका यही सबक है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खोराबार में 15 साल की किशोरी से रिश्ता रखने वाले युवक की शुक्रवार को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तारी, इसकी सबसे ताजी बानगी है।
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छह महीने में दोनों के बीच 296 बार बातचीत के पुख्ता साक्ष्य होने के बावजूद, कोई भी मदद करने की स्थिति में नहीं है, लड़की नाबालिग है, लिहाजा उसकी सहमति का कोई अर्थ नहीं। सहमति नहीं तो शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म है और बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो गए पॉक्सो एक्ट में सालों के लिए जेल।
खोराबार की घटना में बालिका की उम्र 15 वर्ष है। इस लिहाज से कोर्ट में अभियोजन पक्ष दुष्कर्म का आरोप साबित करने में सफल रहा तो इस केस के आरोपी युवक को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत कम से कम 10 वर्ष और अधिकतम उम्रकैद की सजा मिलना तय है। विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि अमूमन दुष्कर्म का अपराध साबित करना मुश्किल भी नहीं होता।
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पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण और वैज्ञानिक साक्ष्य की काट कर पाना आरोपी के वकीलों के लिए मुश्किल होता है। वैसे भी इन मामलों में खुद को निर्दोष साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी की होती है, जिसे पुलिस की मुकम्मल तहकीकात नामुमकिन बना देती है। ऐसे ही प्रेम में यदि बालिका की उम्र महज 12 वर्ष निकल गई तो फिर न्यूनतम कारावास 20 वर्ष से उम्रकैद की सजा होनी ही है।
बालिग हो तो पुलिस भी करा देती है शादी
अगर प्रेमिका बालिग है तो समाज और परिवार के विरोध के बीच ही पुलिस भी मददगार बन जाती है। जिले में कई ऐसे उदाहरण हैं जिसमें पुलिस ने थाना परिसर में स्थित मंदिर में शादी करवा दी। इतना ही नहीं बल्कि दोनों पक्ष को समझाने के बाद कानून और जुर्म बताकर पुलिस रजामंदी से इस काम को करा लेती है। तो ध्यान रखें बचपन की मोहब्बत को जवां होने दें, वह भी 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक।
ये इश्क नहीं आसां, बालिग में भी खतरे कम नहीं...
प्रेमिका के बालिग होने के बावजूद कई मामलों में प्रेमी को जेल में सारी जिंदगी गुजारनी पड़ती है। दुष्कर्म के आरोप में उसकी जिंदगी जेल की सीखचों के पीछे तबाह हो जाती है। दरअसल, घरवालों की मर्जी के विरुद्ध अगर लड़की ने कदम उठाया, तो ज्यादातर मामलों में घरवाले इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लेते हैं। अपहरण का मामला दर्ज हो जाता है। गिरफ्तारी होती है। जो लड़की, जमाने भर से टकराने का दम लड़के से भरती है, वह घरवालों के दबाव में बिखर जाती है।
शहर में घटी कई घटनाएं गवाह हैं कि ज्यादातर मामलों में लड़की का बयान लड़के के खिलाफ गया है। लड़की आरोप लगाती है कि लड़का उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बस, फिर क्या, प्रेमिका के लिए चांद तारे तोड़ लाने का ख्वाब पालने वाला प्रेमी भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और 363, 366 (बहला फुसलाकर भगा ले जाना) के तहत जेल में गिट्टी तोड़ता, चक्की पीसता नजर आता है।
15 दिन में ये हो गए कच्ची उम्र के प्रेम के शिकार
केस एक
गोला इलाके से 16 वर्षीय एक लड़की लापता हो गई। उसके परिवार वालों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए पड़ोसी गांव के जितेंद्र सैनी के खिलाफ तहरीर दे दी। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि मामला प्रेम प्रसंग का है, लेकिन लड़की के घरवालों की ओर से आई तहरीर पर बहला फुसला कर भगाने का केस दर्ज कराया गया। आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लड़की का मेडिकल कराया जा रहा है, जिसके बाद दुष्कर्म की धारा बढ़ जाएगी।
केस दो
राजघाट इलाके से 15 नवंबर को 16 वर्षीय एक लड़की लापता हो गई। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो इसमें भी प्रेम संबंध का मामला सामने आया है, लेकिन पुलिस कोई देरी नहीं की और तहरीर आते ही प्रेमी अंकित के खिलाफ बहला फुसला कर भगाने का केस दर्ज कर लिया। लड़की बरामद हो गई, जिसके बाद उम्र कम होने की वजह से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ा दी गई। आरोपी अंकित को पुलिस ने जेल भेज दिया।
6 नवंबर : शाहपुर पुलिस ने लड़की को बहला फुसला कर भगाने के आरोप में विक्रम को जेल भेजा 10 नवंबर : चिलुआताल पुलिस ने बहला फुसला कर भगाने, दुष्कर्म, पॉक्सो के आरोप में किसन को जेल भेजा 10 नवंबर : गुलरिहा पुलिस ने बहला फुसला कर भगाने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में मनोज कुमार को जेल भेजा 10 नवंबर : शाहपुर पुलिस ने बहला फुसला कर भगाने के आरोप प्रदीप को जेल भेजा 12 नवंबर : सिकरीगंज पुलिस ने बहला फुसला कर भगाने के आरोप में बब्लू शर्मा को जेल भेजा 17 नवंबर : गगहा पुलिस ने बहला कर भगाने के आरोपित सचिन साहनी को जेल भेजा 18 नवंबर : गुलरिहा पुलिस ने बहला फुसला कर भगाने के आरोप जयभारत को जेल भेजा 19 नवंबर : राजघाट पुलिस ने बहला कर भगाने, दुष्कर्म के आरोप में अंकित को जेल भेजा। 20 नवंबर : खोराबार पुलिस ने बहला कर भगाने दुष्कर्म के आरोप में सनी देवल को जेल भेजा। 20 नवंबर : गोला पुलिस ने बहला कर भगाने के आरोप में जितेंद्र सैनी काके को जेल भेजा।
परिवार ही बच्चों की पहली पाठशाला
मनोवैज्ञानिक प्रो. सुषमा पांडेय ने बताया कि परिवार ही बच्चों की पहली पाठशाला होती है। अब लालन-पालन में पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ा है। कई अभिभावक ओपेन सोसायटी की बात बेहिचक करते हैं। कम उम्र की संतानें इनके सही मायने समझे बिना, ऐसी सोसायटी का हिस्सा बनने की कोशिश करती हैं। फिल्में, टीवी सीरियल भी प्यार को अलग तरह से परिभाषित करते हैं। युगल के साथ को आज की जरूरत की तरह पेश करते हैं। बेटा हो या बेटी, इन सारी चीजों का नकारात्मक प्रभाव उनके रहन-सहन, सोचने के ढंग पर पड़ता है। भटकाव की नौबत तक भी ले जाता है।
किशोरावस्था में ज्यादा समझ नहीं होती
समाजशास्त्री प्रो. मानवेंद्र सिंह ने बताया कि अशिक्षा और अनुशासन की कमी की वजह से ऐसे मामले ज्यादा सामने आते हैं। किशोरावस्था में बच्चों को सही-गलत की ज्यादा समझ नहीं होती है। ऐसे में पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों की होती है कि वे उन पर नजर रखें। उनकी हर गतिविधि का मूल्यांकन करें। बच्चों के व्यवहार में बदलाव आने पर अभिभावक को काउंसलिंग करनी चाहिए। मित्रवत व्यवहार रखते हुए, उन्हें सही और गलत की पहचान करानी चाहिए। सुविधाएं देने में खराबी नहीं है, लेकिन ध्यान रखें कि उनका दुरुपयोग न हो।
शादी के लिए कानून में उम्र तय
वरिष्ठ अधिवक्ता शंकर शरण त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय कानून में शादी के लिए लड़के की उम्र 21 और लड़की की उम्र 18 साल तय है। जाहिर है कि प्रेम करने वाले लड़के और लड़की इस उम्र के होंगे तो वह शादी कर सकते हैं। लड़की नाबालिग है और उसके प्यार में पड़कर अगर कोई लड़का उससे शादी करे या शारीरिक संबंध बनाए तो अपहरण, दुष्कर्म के आरोप में जेल जाना तय है। बशर्ते, लड़की के घरवाले मामला पुलिस तक लेकर जाएं।