लोटस वैली में जीएसटी की टीम जांच करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर के लोटस वैली रिजार्ट में मंगवलवार की सुबह से सेवा एवं वस्तु कर( जीसटी) की तरफ कार्रवाई की जा रही है। कर चोरी की आशंका को देखते हुए टीम ने मंगलवार की सुबह ही परिसर पर छापा मारा। मंगलवार सुबह से बुधवार तक चले जांच में तकरीबन ढाई करोड़ रुपये की कर चोरी और उसपर जीएसटी शुल्क टीम ने तय किया है। प्रदेश में सीएम द्वारा चलाए जा रहे करअपवंचन अभियान के तहत मुख्यालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई थी।
हालांकि, ये आंकड़े प्रपत्रों की मिलान के बाद बढ़ या घट भी सकते हैं। बुधवार को इनकम टैक्स की टीम भी जांच के लिए मौके पर पहुंची। जांच में रिजार्ट के दफ्तर में सात लाख रुपये भी बरामद हुए। निदेशक की तरफ से इन रुपयों के कागज उपलब्ध नहीं करवाए गए। हालांकि, रिजार्ट परिसर के निदेशक का दावा है कि जीएसटी के अधिकारी गलत तरीके से परिसर पर आकर जांच कर रहे हैं।
नकहा स्थित लोटस वैली रिजार्ट पर जीएसटी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार की सुबह पहुंची टीम करीब 24 घंटे से यहां प्रपत्रों की जांच, बुकिंग, कर जमा समेत अन्य डिटेल की जांच कर रही है। इसी बीच इनकम टैक्स की टीम भी मौके पर पहुंच गई है।
आयकर सहायक निदेशक संजीव कुमार के निर्देशन में पहुंची टीम ने वहां मिले सात लाख रुपये का हिसाब देखा तो वो नहीं दिखा सके। बिना रिकार्ड के इस रकम को इनकम टैक्स ने अपने कब्जे में ले लिया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों में रिजार्ट की तरफ से किए गए आयोजनों की पूरी डिटेल जांची गई है।
इसमें पिछले दो वर्षों की बुकिंग का रिकार्ड मिल गया है। इसमें रिजार्ट की बुकिंग पर 5 प्रतिशत और रिजार्ट के साथ कैटरिंग की बुकिंग पर 18 प्रतिशत कर कर चोरी मिली है। ऐसे में सिर्फ सीधा कर जोड़ा जाएगा तो इसपर ढ़ाई करोड़ रुपये का कर चोरी निर्धारित हुआ है। जीएसटी की तरफ से ये मिलान मंगलवार की देर रात तक कर लिया गया था।