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बदल रहा है गोरखपुर: रामगढ़ताल क्षेत्र में आसमान की आफत रोकेंगे लाइटिंग अरेस्टर, इस वजह से लिया गया फैसला

Sat, 21 Oct 2023 01:30 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि बिजली गिरने से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए लाइटिंग अरेस्टर लगाए जाएंगे। पानी की टंकियों, सरकारी और गैर सरकारी भवनों के अलावा रामगढ़ताल क्षेत्र को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, क्योंकि यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ होती है।
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र में आसमान की आफत रोकने लिए लाइटिंग अरेस्टर (तड़ित आघात) लगाए जाएंगे। क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इससे बिजली गिरने की आशंका को कम किया जा सकता है। इसके लिए डीएम की ओर से जीडीए के अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। जिला प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया जा रहा है।

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मौसम खराब होने के दौरान बिजली चमकने और गिरने की घटनाएं अक्सर होती हैं। नदी, ताल, खेत और खाली स्थानों पर इसका प्रभाव अधिक होता है। इससे लोगों के जानमाल का खतरा होता है। रामगढ़ताल क्षेत्र का विकास प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में हो रहा है। यहां औसतन रोज 15 से 20 हजार लोग पहुंचते हैं। त्योहारी सीजन और अवकाश के दिनों में यह संख्या 40 से 50 हजार पार कर जाती है।

ताल किनारे खुला परिसर होने की वजह से बिजली गिरने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। इसको देखते हुए पूरे क्षेत्र में लाइटिंग अरेस्टर (तड़ित आघात) लगाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की ओर से जीडीए को पत्र भेजा गया है।
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उपकरण के 100 मीटर दायरे में कम होती हैं घटनाएं

जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर लाइटिंग अरेस्टर लगता है, वहां पर 100 मीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना कम हो जाती है। ऐसे में पूरे क्षेत्र की ऊंची बिल्डिंग, खाली स्थान सहित अन्य जगहों को चिह्नित करके सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी। वर्ष 2022-23 में बिजली गिरने से जिले में आठ लोगों की जान गई थी। 2021-22 में पांच लोगों की मौत हुई। इस साल अभी दो लोगों की मौत की सूचना दर्ज है।

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सभी सरकारी, गैर सरकारी भवनों पर लगाएंगे उपकरण

प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले चरण में रामगढ़ताल इलाके में लाइटिंग अरेस्टर लगाए जाएंगे। इसके बाद जिले में सभी सरकारी, गैर सरकारी भवन, ऊंचे मकान सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से व्यवस्था की जाएगी, ताकि बिजली गिरने से होने वाली घटनाओं की रोकथाम हो सके। इसके लिए जीडीए सहित अन्य संस्थाओं को पत्र भेजा गया है।

आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि बिजली गिरने से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए लाइटिंग अरेस्टर लगाए जाएंगे। पानी की टंकियों, सरकारी और गैर सरकारी भवनों के अलावा रामगढ़ताल क्षेत्र को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, क्योंकि यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ होती है।

 
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