गोरखपुर जिले में गीडा इलाके के गहासाड़ में क्लीनिक कर्मचारी ओंकार उपाध्याय की हत्या में शामिल पत्नी नीलम उपाध्याय और उसके फूफा रामअशीष मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। हत्या कर शव छिपाने का जुर्म सिद्ध होने पर शुक्रवार को अपर जनपद न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ने सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने नौ माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल के मोहम्मदपुर माफी गांव निवासी ओंकार उपाध्याय की पत्नी नीलम का उसके सगे फूफा से शादी से पहले से ही अनैतिक संबंध था। इसकी भनक लगने पर ओंकार ने विरोध शुरू किया तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंका गया था।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेन्द्र कुमार दुबे ने बताया कि मृतक के भाई अत्रिमुनि उपाध्याय ने केस दर्ज कराया गया था। बताया गया था कि 24 नवंबर 2020 की रात करीब 8:15 बजे उसका भाई ओंकार उपाध्याय घर से यह कह कर गया कि दोस्त के जीजा को लेने सहजनवां जा रहा हैं, थोड़ी देर में वापस आ जाएगा।
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