विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट गोविंद मोहन ने अनुसूचित जाति की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने के जुर्म में चिलुआताल थाना क्षेत्र के अहिरौली निवासी अभियुक्त देवानंद निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को पांच साल का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रद्धानंद पांडेय का कहना था कि घटना 24 अगस्त 2016 की दिन के करीब दो बजे की है। वादिनी की 11वर्षीय नाबालिग बच्ची घर पर अकेली थी। अभियुक्त उसे बहला-फुसलाकर मक्के के खेत में ले गया और दुष्कर्म किया।
बालिका की हालत गंभीर होने पर आरोपी फरार हो गया था। गांव वालों की सूचना पर आई मां ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने बालिका को अस्पताल में भेजने के साथ ही केस दर्ज कर आरोपी को जेल भिजवाया था।