देवरिया जिले की बरहज नगरपालिका परिषद के सभासद की हत्या के मामले में आरोपी नगरपालिका के चेयरमैन उमाशंकर सिंह उमेश सहित छह आरोपियों को शुक्रवार को जिला जज रविनाथ की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में मनोज सिंह बरी कर दिए गए।
सत्यप्रकाश, मुरारी, रामप्रकाश यादव पर 25-25 हजार एवं उमाशंकर, गणेश, डिंपू पर पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया गया है। सभी आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया। इसमें एक आरोपी सत्यप्रकाश गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है। वह सुनवाई के दौरान आजमगढ़ जेल से कोर्ट में प्रस्तुत हुआ था। उसे आजमगढ़ एवं अन्य को देवरिया जेल भेजा गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार मिश्र के अनुसार, अवैध शराब के कारोबार का विरोध करने पर 23 जून 2014 को नगरपालिका बरहज के तत्कालीन सभासद मिहिर कांत तिवारी की बरहज-कपरवार मार्ग पर गौरा के पास स्थित विद्युत उपकेंद्र के पास गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मिहिरकांत के पिता कृष्णकांत तिवारी ने बरहज थाने में नगर पालिका अध्यक्ष उमाशंकर सिंह उर्फ उमेश सिंह, सत्य प्रकाश जायसवाल, गनेश सिंह, उदय प्रताप सिंह उर्फ डिंपू व मनोज सिंह के अलावा दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ पर मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना के दौरान मुरारी जायसवाल और राम प्रकाश यादव उर्फ नागा का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 302 (हत्या) में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान जिला जज रवि नाथ ने नगर पालिका के वर्तमान अध्यक्ष उमाशंकर सिंह उर्फ उमेश सिंह, सत्य प्रकाश जायसवाल, गनेश सिंह, उदय प्रताप सिंह उर्फ डिम्पू, मुरारी जायसवाल और राम प्रकाश यादव उर्फ नागा को हत्या व साजिश का दोषी करार दिया है। सभी दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि साक्ष्य के अभाव में मनोज सिंह को दोषमुक्त कर दिया।