फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: चिड़ियाघर से पहली बार जंगल में छोड़ा गया तेंदुआ, तीन महीने पहले किया गया था रेस्क्यू

Mon, 07 Mar 2022 11:11 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सभी तेंदुए पूरी तरह स्वस्थ हैं। तीन चिकित्सकों की टीम इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कर चुकी है।
विज्ञापन
तेंदुआ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर चिड़ियाघर प्रबंधन ने एक तेंदुए का उपचार कर उसे वापस महराजगंज के सोहंगीबरवा जंगल में छोड़ा। ऐसा पहली बार हुआ है। पिछले तीन माह में तीन तेंदुओं को जंगल से रेस्क्यू (बचाव) करके चिड़ियाघर लाया गया था। प्रबंधन जल्द ही दो और तेंदुओं को जंगल में छोड़ेगा।
विज्ञापन


महराजगंज व बहराइच से तीन तेंदुए रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाए गए थे। इनमें से एक तेंदुए का पैर काटने की नौबत आ गई थी, लेकिन उपचार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। निदेशक चिड़ियाघर डॉ. एच राजा मोहन ने स्वस्थ हो चुके तेंदुओं को वापस जंगल में भेजने के लिए मुख्य वन संरक्षक गोंडा व दुधवा से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद एक तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया है।

बीते तीन दिसंबर को महाराजगंज के सोहगीबरवा से वन प्रभाग की टीम ने दस माह के मादा तेंदुए को रेस्क्यू किया था। टीम इसे चिड़ियाघर लेकर आई। तेंदुए का पैर गंभीर रूप से घायल था। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप व उनकी टीम ने उसका उपचार किया था।
विज्ञापन


पांच दिसंबर को भी लक्ष्मीपुर (महराजगंज) के जंगल से एक तेंदुआ चिड़ियाघर लाया गया था। उसने एक युवक पर हमला भी कर दिया था और खुद भी घायल हो गया था। 24 जनवरी को बहराइच से भी एक हिंसक तेंदुए को लाया गया था। उसने वहां चार बच्चों की जान ले ली थी।

उपचार के बाद वह भी पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सभी तेंदुए पूरी तरह स्वस्थ हैं। तीन चिकित्सकों की टीम इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कर चुकी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें