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Chandra Grahan 2020: 30 नवंबर को लग रहा साल का अंतिम चंद्रग्रहण, जानिए किस राशि पर पड़ेगा असर

Tue, 24 Nov 2020 04:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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chandra grahan - फोटो : अमर उजाला।
साल का अंतिम चंद्रग्रहण 30 नवंबर को लगने जा रहा है। यह उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक यह चंद्रग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा, जोकि भारत में नहीं दिखाई देगा। ग्रहण कोई भी हो मानव जाति के लिए अच्छा नहीं होता है इसलिए ग्रहण के दौरान सावधानियां बरतनी चाहिए।
 
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chandra grahan - फोटो : अमर उजाला।
पंडित अरविंद गिरि ने बताया कि उपच्छाया चंद्रग्रहण के दौरान कोई सूतक काल नहीं होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस ग्रहण का कोई सूतक काल नहीं होता वह ज्यादा प्रभावशाली नहीं होता। जबकि अन्य ग्रहण के नौ घंटे पहले से सूतक काल माना जाता है।


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Lunar Eclipse - फोटो : ANI
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण जैसा भी हो कभी सकारात्मक नहीं होता है। महीने में एक बार ग्रहण योग का निर्णय होता ही है। जब चंद्रमा और राहु एक साथ होते हैं तो इस योग को ग्रहण योग कहते हैं। यह मासिक ग्रहण होता है। कुछ विशेष ग्रहण भी होते हैं।

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lunar eclipse - फोटो : max pixel
उन्होंने कहा कि 30 नवंबर को लगने वाले ग्रहण की 'विशेष ग्रहण' से तुलना नहीं होगी, लेकिन ग्रहण शब्द ही नकारात्मक होता है। यह किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है। वर्तमान में रह ग्रहण राहु और वृषभ राशि में है। चंद्रमा वृषभ में आता है तो उच्च का होता है, लेकिन डेढ़ वर्षों के लिए जब चंद्रमा उच्च का होगा तो राहु के साथ ग्रहण योग बन जाएगा। इससे चंद्रमा के उच्च के होने का लाभ आम जनमानस को नहीं मिलेगा। ऐसे में वृषभ राशि वालों सावधानी बरतने की जरूरत है। इस ग्रहण का असर उन पर हो सकता है।
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पूर्ण चंद्रग्रहण - फोटो : AP
क्या है उपच्छाया चंद्रग्रहण
पंडित राकेश पांडेय के अनुसार 30 नवंबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा। उपच्छाया चंद्रग्रहण ऐसी स्थिति को कहा जाता है जब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर उसकी उपच्छाया मात्र पड़ती है। इसमें चंद्रमा पर एक धुंधली सी छाया नजर आती है। ऐसे में पृथ्वी की उपच्छाया में प्रवेश करने से चंद्रमा की छवि धूमिल दिखाई देने लगती है।
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